सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने एडवांस बुकिंग स्कीम देकर शुरू की कालाबाजारी की तैयारियां: औलख
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बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने एडवांस बुकिंग स्कीम देकर फिर से कालाबाजारी की तैयारियां शुरू कर दी है। कंपनी द्वारा इस संबंधी सभी डीलर्स को 2 फरवरी 2026 को एडवांस बुकिंग के लिए पत्र (सावा/केएच/2026/पीबी-एचआर-एमएल/एबीएस/01) जारी किया गया है।
उपरोक्त कंपनी के बीजों में प्राइवेट दुकानदारों व कंपनी की मिलीभगत से किसानों के साथ हो रही लूट को रोकने के लिए इस कंपनी के धान के बीजों की बिक्री सरकारी बीज बिक्री केंद्र व को-ओप्रेटिव सोसायटी के माध्यम से करवाई जाए, ताकि उचित दामों पर इच्छुक किसानों को बीज आसानी से मिल सके। इसके लिए बकायदा बीकेई ने मुख्यमंत्री को रिमांइडर ज्ञापन भी भेजा है। उपरोक्त कंपनी द्वारा हाइब्रिड धान सावा 7501, सावा 7301 आदि बीज की किस्मों पर 600 रुपए प्रति किलो एमआरपी दिया गया है, किसानों से 23.89 रुपए प्रति किलो खरीदा गया धान 25 गुना रेटों में बीज के रूप में किसानों को बेचकर उन्हें लूटा जा रहा है। इतना ही नहीं कंपनी के कई डीलर एमआरपी से भी ऊपर ब्लैक में धान की इन किस्मों को बेचते हैं।
उपरोक्त कंपनी ने पिछले साल हरियाणा में 108 करोड़ रुपए के लगभग 1800 एमटी हाइब्रिड धान का बीज बेचा, लेकिन किसानों की धान की फसल सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी पर भी नहीं बिकती है अगर एमएसपी पर भी बिकी हुई मान ली जाए तो 1800 एमटी धान की कीमत 4 करोड़ 30 लाख बनती है, जोकि कंपनी ने 108 करोड़ में बीज के रूप में बेची। औलख ने कहा कि मांग पत्र के माध्यम से हरियाणा सरकार अपील की है कि वह बीज कंपनियों की एमआरपी को लेकर मनमर्जी पर अंकुश लगाए,
किसानों के साथ होने वाली लूट व कालाबाजारी को रोकने के लिए सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड व अन्य बीज कंपनियों द्वारा निर्मित हाइब्रिड धान के बीजों को कोऑपरेटिव सोसाइटी व सरकारी बीज बिक्री केंद्रों पर बेचा जाए। इसके लिए सरकार सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों द्वारा किसानों के साथ की जाने वाली लूट व कालाबाजारी को रोकने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करे, ताकि भविष्य में ऐसी कंपनियों की लूट से किसानों को बचाया जा सके।
औलख ने उपरोक्त कंपनी के डीलरों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आप कालाबाजारी के चक्कर में कंपनी को एडवांस बुकिंग न करवाएं। किसी भी कीमत पर किसानों के साथ लूट नहीं होने देंगे। औलख ने हरियाणा सरकार से अपील की कि उपरोक्त कंपनी द्वारा हाईब्रिड धान की किस्में बताकर बेचे जाने वाले धान के बीज की जांच करवाई जाए। हमें अंदेशा है कि उपरोक्त कंपनी की धान की किस्में हाईब्रिड नहीं है, लेकिन बेचा हाईब्रिड के नाम से जा रहा है। इसके नमूने लेकर जांच करवाई जाए, ताकि हाईब्रिड के नाम पर किसानों से लूट न हो सके।