स्वगणना से मिलेगा सटीक आंकड़ा, विकास को मिलेगी नई दिशा: नगराधीश
सिरसा, 26 अप्रैल।
नगराधीश अजय सिंह ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए स्व-गणना की सुविधा शुरू है। जिला के नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर रहे हैं। स्व-गणना की प्रक्रिया 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। इस दौरान नागरिक घर बैठे ही निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपना डेटा भर सकते हैं।
इसके बाद 1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन एवं सूचीकरण का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि स्व-गणना कार्य में जिला के सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न स्वयंसेवी समूहों का भी सराहनीय सहयोग मिल रहा है, जिससे अभियान को गति मिल रही है। उन्होंने जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस सरल और पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया का अधिकतम लाभ उठाएं और जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहयोग दें।
रविवार को स्थानीय जैन पार्क तथा वार्ड नंबर 25 में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया, इसके महत्व और ऑनलाइन जानकारी अपलोड करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर सहायक व सांख्यिकी विभाग की टीम भी उपस्थित रही और लोगों की शंकाओं का समाधान किया।
सहायक ललित ने जानकारी देते हुए बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति आसानी से इसमें भाग ले सके। नागरिक https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर जाकर आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान राज्य का चयन कर परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। एक बार दर्ज किया गया मुखिया का नाम और चयनित भाषा बाद में बदली नहीं जा सकेगी, इसलिए इसे सावधानीपूर्वक भरें।
स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिकों को पोर्टल पर अपने आवासीय भवन का सटीक स्थान मानचित्र पर चिन्हित करना होगा तथा मकान सूचीकरण से संबंधित सभी आवश्यक प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। जानकारी सफलतापूर्वक सबमिट करने के बाद 11 अंकों की एक विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या जारी की जाएगी, जो मोबाइल और ईमेल पर प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि स्व-गणना के बाद भी क्षेत्रीय सत्यापन अनिवार्य रहेगा। जब प्रगणक घर-घर सर्वे के लिए आएंगे, तब नागरिकों को अपनी एसई आईडी साझा करनी होगी। यदि विवरण का मिलान हो जाता है, तो डेटा को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाएगा, अन्यथा प्रगणक पुनः जानकारी एकत्रित करेंगे।