सीडीएलयू में ‘स्वदेशी संकल्पना–आत्मनिर्भर भारत’ पर विचार गोष्ठी, भारत @2047 के रोडमैप पर हुआ मंथन
mahendra india new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय तथा स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के एम.पी. हॉल ऑडिटोरियम में ‘स्वदेशी संकल्पना–आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक सतीश कुमार ने भारत @2047 के विज़न रोडमैप पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की युवा जनसंख्या देश की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय युवा किसी भी रूप में बोझ नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के वाहक और वैश्विक मंच पर भारत के रोल मॉडल हैं। पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्होंने स्वदेशी के विविध आयामों—विज्ञान एवं तकनीक में आत्मनिर्भरता, सुदृढ़ अर्थव्यवस्था, पर्यावरण-संवेदनशील विकास और वैश्विक दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली में आयोजित एआई मेले में देश-विदेश की शीर्ष तकनीकी कंपनियों और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी भारत की तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।
इस से पूर्व अपने अध्यक्षीय संबोधन में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने उच्च शिक्षा में चरित्र , सृजनात्मकता और दक्षता की महत्ता पर बल दिया।उन्होंने कहा कि चरित्र से आशय नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति से है, जो विद्यार्थियों को संवेदनशील नागरिक बनाता है। सृजनात्मकता नवाचार, शोध और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करती है,
जिससे विद्यार्थी बदलते वैश्विक परिदृश्य में नए समाधान प्रस्तुत कर सकें। वहीं दक्षता ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक प्रशिक्षण का समन्वय है, जो विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और प्रतिस्पर्धी बनाता है। उन्होंने बताया कि सीडीएलयू इन तीनों स्तंभों पर आधारित शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।कुलपति ने कहा की तीन करोड़ रूपये से अधिक की लागत के साथ सी डी ए ल यू में इन्क्यूबेशन सेंटर विकसित किया जा रहा है जो इस जिले केउधमियों और किसानों के लिए वरदान साबित होगा।
स्वदेशी जागरण मंच के प्रान्त संगठक कुलदीप कुमार ने अपने संबोधन में स्वदेशी विचारधारा के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना जनभागीदारी से ही साकार हो सकती है। स्वदेशी विचार भारत की आत्मा से जुड़ा आंदोलन है, जो आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है।
कार्यक्रम में मुक्यमंत्री के पूर्व राजनेतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा,प्रो. डी.पी. वारने, प्रो. रामेहर दीक्षित, पविकान्त , समाज सेवी राजकुमार ,दर्शन चावला सहित अनेक शिक्षाविद् एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ भूमिका शर्मा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।