श्री शिव शक्ति धाम बनेगा संस्कारों और सद्भाव का सशक्त केंद्र: कांता सिंह चौटाला

 
mahendra india news. new delhi

जेसीडी विद्यापीठ परिसर में पिछले एक वर्ष से निर्माणाधीन श्री शिव शक्ति धाम मंदिर में बुधवार को नयन मिलाप, भव्य शोभा यात्रा, प्राण प्रतिष्ठा एवं वैदिक हवन यज्ञ विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती कांता सिंह चौटाला जी उपस्थित रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत मूर्तियों के विधिवत नेत्र पूजन से हुई। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देव विग्रहों के नेत्र खोले गए, जिसे देख श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ आस्था व्यक्त की। इसके पश्चात मंदिर परिसर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें श्रद्धालु, विद्यार्थी एवं महिलाएं कलश व ध्वज लेकर शामिल हुए और पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।

इसके उपरांत विधिपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा की गई तथा वैदिक मंत्रों के साथ हवन प्रारम्भ हुआ। यज्ञ में आहुति देते समय धर्म, शांति, समृद्धि व विश्व कल्याण की कामना की गई। बाद में हवन पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ और अंत में श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश के साथ कुलसचिव डॉ. सुधांशु गुप्ता, मनीषा गोदारा, डॉक्टर ईश्वर मलिक के इलावा विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कथा प्रवक्ता परम पूज्य रजनीशाचार्य जी महाराज (श्री धाम वृंदावन) अपने शिष्यों आचार्य अंकित तिवारी, आचार्य नीरज पाण्डेय, आचार्य सत्येंद्र द्विवेदी एवं पंडित कृष्णा पाठक के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने वैदिक विधि से भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं हवन सम्पन्न करवाया।

उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि संस्कार, संयम और मानवता की पाठशाला होता है। धर्म व्यक्ति को सत्य, सेवा और सदाचार की राह पर चलना सिखाता है तथा जीवन में सकारात्मकता और आत्मशांति प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक मूल्यों को भी अपनाएं।

इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती कांता सिंह चौटाला ने  कहा कि जेसीडी विद्यापीठ परिसर में यहां रहने वाले लोगों की लंबे समय से यह भावना और अपेक्षा थी कि यहां एक भव्य मंदिर बने, जो आज साकार होकर सभी के लिए आस्था और गर्व का विषय बन गया है।

उन्होंने कहा की मंदिर समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम होता है और ऐसे धार्मिक स्थल नई पीढ़ी में संस्कारों का संचार करते हैं। जेसीडी विद्यापीठ शिक्षा के साथ संस्कृति को भी आगे बढ़ा रहा है तथा यह धाम विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानसिक शांति का अनुभव करेगा और धार्मिक वातावरण लोगों को नशा व कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि मंदिर समाज में भाईचारा और सद्भाव बढ़ाता है तथा शिक्षा व अध्यात्म का संगम ही सच्चा विकास है। यह परिसर अब आस्था का केंद्र बनेगा और भविष्य में यहां से नैतिक मूल्यों का संदेश पूरे समाज तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि श्री शिव शक्ति धाम सर्वधर्म समभाव की भावना से निर्मित किया गया है, जो सभी वर्गों और आस्थाओं को एक सूत्र में बांधने का कार्य करेगा। ऐसे पवित्र स्थलों से सेवा, सहयोग और परोपकार की भावना मजबूत होती है तथा विद्यार्थियों को यहां से जीवन में अनुशासन और सदाचार अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

 यह धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कारों और सद्भाव का सशक्त केंद्र बनेगा।

 इस मौके पर महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने कहा कि यह मंदिर विद्यार्थियों व समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। हवन व पूजा से सकारात्मक वातावरण बनता है और व्यक्ति के मन-मस्तिष्क को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार देना ही संस्थान का उद्देश्य है।

 अंत में डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि कल सत्संग के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया जाएगा। समापन अवसर पर पूजा-अर्चना व प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।