जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय की बी.एड.(सामान्य) द्वितीय वर्ष की छात्रा सिमरन कौर एवं बी.एड.(स्पेशल) द्वितीय वर्ष में रानी देवी ने पाया महाविद्यालय में प्रथम स्थान

 

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उच्च संस्कार एवं नैतिकता के साथ-साथ संस्थान  करें  बेहतर शिक्षा प्रदान : डॉ जयप्रकाश
जननायक चौ.देवीलाल विद्यापीठ, सिरसा में स्थित शिक्षण महाविद्यालय के बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के परीक्षा परिणाम में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपने माता-पिता, जिला के साथ-साथ संस्थान का नाम रोशन करने का काम किया है।

महाविद्यालय के प्राचार्य  एवं जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश ने बताया जानकारी देते हुए बताया कि बी.एड.(सामान्य) केवल द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम में छात्रा सिमरन कौर सुपुत्री श्री जसवंत सिंह ने 82.14 प्रतिशत अंकों के साथ महाविद्यालय में प्रथम स्थान, छात्रा खुशबू सुपुत्री श्री रजनीश अरोड़ा व अमृत पाल सुपुत्री श्री बलविंदर सिंह ने संयुक्त रूप से 80.71 प्रतिशत अंकों के साथ महाविद्यालय में द्वितीय स्थान एवं भावना सुपुत्री श्री आत्माराम व पारुल सुपुत्री श्री सुरेंद्र कुमार ने 80.43 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप में महाविद्यालय में तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसी क्रम में बी.एड.(स्पेशल) केवल द्वितीय वर्ष में छात्रा रानी देवी सुपुत्री श्री ईश्वर ने 83.73 प्रतिशत अंकों के साथ महाविद्यालय में प्रथम स्थान, छात्रा मंजू सुपुत्री श्री मदन लाल ने 82 प्रतिशत अंकों के साथ महाविद्यालय में द्वितीय स्थान एवं छात्र आशिष कुमार सुपुत्र श्री सुरेंद्र ने 80.67 प्रतिशत अंकों के साथ महाविद्यालय में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर जेसीडी विद्यापीठ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल अजय सिंह एवं महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने सभी विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया और शिक्षण महाविद्यालय के प्राध्यापक वर्ग की सराहना की, जिनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी वर्ग सफलता की सीढियां चढ़ता है।

उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें प्रत्येक क्षेत्र में निपुण करना है ताकि वे कामयाबी हासिल कर सकें। डॉ . जयप्रकाश ने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल बेहतर शिक्षा ही नहीं अपितु उच्च संस्कार एवं नैतिकता के साथ-साथ बेहतर शिक्षा प्रदान करके उनका सर्वांगीण विकास करना है, जिसके लिए हम सदैव प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य को सभ्य, परिष्कृत, और कुशल बनाती है तथा उसे समाज, समुदाय और देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठ और उत्तरदायी बनाती है और जरुरी है कि विद्यार्थियों में सामुदायिक सरोकारों के प्रति चेतना जताई जाय। उनमें स्वेच्छा से सामुदायिक कल्याण के कार्य करने का संस्कार उत्पन्न हो। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।