नई शिक्षा नीति के तहत मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से स्किल, वोकेशनल एवं प्रोफेशनल कोर्स युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: डॉ. अनिल धानुका
Mahendra india news, new delhi
सिरसा। एजुकेशन मेंटर डॉ. अनिल धानुका ने बताया कि भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप अब मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा आॅनलाइन सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रियों के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, वोकेशनल एवं प्रोफेशनल कोर्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य कार्यरत प्रोफेशनल्स, व्यवसायियों, उद्यमियों, कलाकारों, महिलाओं एवं युवाओं को उनके कार्य अनुभव एवं कौशल के आधार पर विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं डिग्री प्रदान करना है, जिससे वे अपने रोजगार, व्यवसाय एवं करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।
डॉ. धानुका ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में ब्यूटी एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशन, मेकअप आर्टिस्ट, सैलून मैनेजमेंट, योग एवं नेचुरोपैथी, पंचकर्म, एक्यूप्रेशर, लैब टेक्नीशियन, बैंकिंग एवं फाइनेंस, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी, म्यूजिक, फिल्म एवं मीडिया, इवेंट मैनेजमेंट, वास्तु शास्त्र, ज्योतिष शास्त्र, फायर सेफ्टी, औद्योगिक सुरक्षा, जिम ट्रेनर, कंप्यूटर, तकनीकी एवं सोशल मीडिया सहित अनेक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना, कार्य दक्षता बढ़ाना तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी अधिक सक्षम बन सकेंगे। डॉ. धानुका ने बताया कि फिल्म, संगीत एवं कला जगत से जुड़े अनेक कलाकार भी इन विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल एवं स्किल आधारित पाठ्यक्रमों का लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रख्यात संगीतकार एवं संगीत गुरु देबोजीत लाहिड़ी ने भी विश्वविद्यालय से सिनेमा एवं म्यूजिक विषय का प्रोफेशनल कोर्स पूर्ण कर अपने अनुभव को अकादमिक मान्यता दिलाई तथा सफलता के नए आयाम और अवसर प्राप्त किए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में ये पाठ्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। वर्तमान समय में डाइटीशियन, न्यूट्रिशन, ब्यूटी एवं वेलनेस, हेल्थ केयर, मेकअप आर्टिस्ट एवं सैलून मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इस दिशा में सकारात्मक संकेत है। डॉ. धानुका ने कहा कि इन कार्यक्रमों का लक्ष्य भारत के प्रत्येक गांव एवं शहर तक गुणवत्तापूर्ण कौशल शिक्षा पहुंचाना है। साथ ही विभिन्न औद्योगिक संस्थानों एवं प्रतिष्ठित कंपनियों के सहयोग से प्रशिक्षित विद्यार्थियों को अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भी निरंतर प्रयास किया जा रहा है।