तरनतारन में एफटीए और लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ 17 जुलाई को कन्वेंशन आयोजित करेगा एसकेएम
mahendra india news, new delhi
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत के पंजाब-हरियाणा चैप्टर की महत्वपूर्ण बैठक देश भगत यादगारी हॉल, जालंधर में गुरसेवक सिंह धालीवाल और बचित्तर सिंह कोटला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति को किसानों और कृषि के लिए घातक बताते हुए कहा कि यह नीति पंजाब की उपजाऊ कृषि भूमि को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने का माध्यम बन सकती है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी वर्ष को देखते हुए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण कर उनके आधार पर बड़े पैमाने पर ऋण लेने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि पहले से अधिग्रहित हजारों एकड़ भूमि आज भी वर्षों से बिना उपयोग के पड़ी है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार का उद्देश्य वास्तविक विकास नहीं, बल्कि उपजाऊ कृषि भूमि पर नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब की कृषि भूमि को बचाने का संघर्ष केवल किसानों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का आंदोलन है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत इस मुद्दे पर हर स्तर पर संघर्ष करेगा और किसी भी कीमत पर किसानों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।
किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत शुरू से ही भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध करता रहा है। उनका कहना था कि यदि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को इस समझौते के दायरे में शामिल किया गया तो इसका सीधा नुकसान देश के किसानों को होगा। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार किसी तथा किसी के सहायक व्यवसाय को एफटीए से पूरी तरह बाहर रखे, अन्यथा संगठन देशव्यापी आंदोलन को और तेज करेगा।
बैठक में एसकेएम (गैर-राजनीतिक) द्वारा उजागर किए गए कथित यूरिया घोटाले का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि ग्रेड यूरिया को टेक्निकल ग्रेड के गट्टों में भरकर फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा 13 जुलाई को भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों के बरनाला स्थित आवास के घेराव के घोषित कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत पूर्ण भागीदारी करेगा। इसके अलावा, 22 जून को बटाला में घोषित कार्यक्रम के अनुसार 17 जुलाई को बाबा हरनाम सिंह गुरुद्वारा, गांव परिंगड़ी, जिला तरनतारन में किसान कन्वेंशन आयोजित की जाएगी। सम्मेलन में किसानों को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) तथा पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी और आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी। बैठक में इंद्रजीत सिंह कोटबूड़ा, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, लखविंदर सिंह औलख, गुरिंदर सिंह भंगू, प्रगट सिंह, अंग्रेज सिंह बूटेवाला, जगजीत सिंह, सुरजीत सिंह, नरेंद्र पाल सिंह भंगू, बलदेव सिंह कलेर और दविंदर सिंह काकड़ सहित अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।