क्रीड/पीपीपी कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 08 जून को
एडीसी को अपनी मांगों संबंधी सौंपा ज्ञापन

 

 
सिरसा। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी) के अंतर्गत परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान हेतु 08 जून 2026 (सोमवार) को राज्यव्यापी हड़ताल एवं प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान प्रदेशभर में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से संबंधित विभिन्न सेवाएं, सत्यापन कार्य, शिकायत निवारण, डेटा प्रबंधन तथा अन्य पीपीपी गतिविधियां प्रभावित रहेंगी। हड़ताल को लेकर कर्मचारियों ने एडीसी सिरसा को एक मांग पत्र भी सौंपा। सिरसा ब्लॉक से जिला मैनेजर रविंद्र कुमार व मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) परियोजना के अंतर्गत लगभग 400 कर्मचारी प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत हैं।

इनमें मुख्य रूप से पीपीपी जिला प्रबंधक, ब्लॉक प्रबंधक, प्रोग्रामर, अकाउंटेंट एवं अन्य फील्ड कर्मचारी शामिल हैं। सिरसा में 12 जोनल मैनेजर, एक जिला मैनेजर, 2 एफसीपी व एक अकाऊंटेंट स्टाफ कार्यरत है। ये कर्मचारी परिवार पहचान पत्र, आय सत्यापन, लाभ सत्यापन, नागरिक शिकायतों के निस्तारण, डेटा प्रबंधन, सर्वेक्षण एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार लंबे समय से उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। इन मांगों को लेकर पूर्व में विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। 08 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में भी मांगों पर विचार कर समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण कर्मचारियों ने सामूहिक आंदोलन का निर्णय लिया है।
राज्य मुख्यालय पर जुटेंगे कर्मचारी:


जिला मैनेजर ने बताया कि प्रदेशभर के सभी क्रीड/पीपीपी कर्मचारी 08 जून 2026 (सोमवार) को परिवार पहचान पत्र राज्य मुख्यालय, सेक्टर-6, पंचकूला में एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे। उनकी मांगें केवल कर्मचारियों के हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभाग की कार्यक्षमता, सेवा गुणवत्ता तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने से भी सीधे जुड़ी हुई हैं। लंबे समय से विभाग की योजनाओं को सफल बनाने में योगदान देने वाले कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान किया जाना आवश्यक है। कर्मचारियों ने सरकार एवं विभाग से मांग की है कि उनकी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो तथा नागरिक सेवाओं का संचालन और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।


ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
हरियाणा सरकार की आईटी पॉलिसी के अनुरूप वेतन संशोधन एवं नियमितीकरण। पिछले तीन वर्षों के लंबित वार्षिक वेतनवृद्धि का एरियर सहित भुगतान। त्रैमासिक प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को प्रभावी रूप से लागू करना। जेडसीआरआईएम कर्मचारियों को यात्रा भत्ता एवं मोबाइल/संचार भत्ता प्रदान करना। पारदर्शी एवं कर्मचारी हितैषी स्थानांतरण नीति लागू करना। हरियाणा जॉब सिक्योरिटी एक्ट, 2024 के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को लाभ प्रदान करना। वित्त विभाग के निदेर्शानुसार वेतन मद में आवश्यक परिवर्तन लागू करना। ब्लॉक स्तर पर सहायक स्टाफ उपलब्ध करवाकर कार्यभार कम करना। सेवा विस्तार आदेश समय पर जारी करना। कर्मचारी कल्याण, दुर्घटना बीमा, एक्स-ग्रेशिया सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा नीति लागू करना। कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के लिए व्यापक स्वास्थ्य बीमा एवं मेडिकल वेलफेयर सुविधा प्रदान करना।