हरियाणा प्रदेश में बेसहारा पशुओं को खुला छोडऩे वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई, भारी जुर्माना और एफआईआर; सीएम सैनी ने दिए कड़े निर्देश

 

mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश में कई व्यक्ति पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। अब प्रदेश में लोगों से सख्ती से निपटने की तैयारी है, जो दूध निकालने के बाद गोवंश को बाहर खुला छोड़ देते हैं। अब प्रदेश में सडक़ों पर पहली बार पशु पकड़े जाने पर 11000 रुपये और दूसरी बार 21000 रुपये का जुर्माना किया जाएगा।

इसी के साथ ही तीसरी बार पशु पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे पशुपालकों को हरियाणाा सरकार की ओर से पशुओं के लिए दी जाने वाली सुविधाओं यथा वैक्सीनेशन और इंश्योरेंस प्रीमियम से वंचित करने तथा उनका नाम नेगेटिव लिस्ट में डालने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

 गोसेवा आयोग और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में यह अहम मुद्दा अधिकारियों ने रखा, जिसे सीएम नायब सिंह सैनी ने स्वीकार कर लिया। जल्द ही नए प्रविधान लागू हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारा गोवंश सडक़ों पर नजर नहीं आना चाहिए।
बता दें कि इसके लिए विशेष अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ा जाए तथा प्रत्येक पशु की टैगिंग सुनिश्चित की जाए। पशुओं की पहचान सुनिश्चित होने से यदि किसी घर या गोशाला से पशु बाहर आता है तो संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा सकेगी।

हरियाणा प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और गोसेवा आयोग के चेयरमैन रामचंद कंबोज के साथ बैठक ले रहे मुख्यमंत्री ने बेसहारा गोवंश की समस्या, गोशालाओं की व्यवस्थाओं, गो अभ्यारण्यों, नस्ल सुधार तथा गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों द्वारा पकड़े जाने वाले पशुओं को गोशालाओं में छोड़ते समय भी उनकी टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए। पकड़े गए पशुओं को निर्धारित कार्रवाई किए बिना वापस नहीं किया जाना चाहिए।

बेसहारा पशुओं को पकडऩे के लिए पूरे प्रदेश में जिला वार टेंडर छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने गो अभ्यारण्यों की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में उचित फेंसिंग करवाई जाए। जिस क्षेत्र में पशुओं को रखना है, वहां चहारदीवारी की व्यवस्था की जाए तथा शेष क्षेत्र में हरे चारे की बुआई करवाई जाए। गो अभ्यारण्यों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।

गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
इस बैठक में गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, गोवंश के बेहतर रखरखाव, नस्ल सुधार तथा गोशालाओं में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। प्रदेश में वर्तमान में 707 गोशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें करीब चार लाख गोवंश हैं।

लावारिस कुत्तों पर अंकुश लगाने की तैयारी
हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में लावारिस कुत्तों की समस्या पर भी संज्ञान लेते हुए इसके प्रभावी समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निकाय विभाग और पशुपालन विभाग संबंधित गाइडलाइन के अनुसार समन्वय के साथ कार्य करें।