संगम स्कूल भरोखां के विद्यार्थियों ने ड्रीम्स वाटर पार्क डिंग में की जमकर मौज-मस्ती
mahendra india news, new delhi
सिरसा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं मानसिक ताजगी को ध्यान में रखते हुए संगम स्कूल भरोखां द्वारा कक्षा तीसरी से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं का ड्रीम्स वाटर पार्क डिंग में एक दिवसीय शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण आयोजित किया गया। विद्यालय के अध्यापकों की देखरेख में आयोजित इस भ्रमण में बच्चों ने विभिन्न वाटर राइड्स, वेव पूल, रेन डांस तथा अन्य रोमांचक गतिविधियों का भरपूर आनंद उठाया। पूरे दिन बच्चों के चेहरों पर उत्साह, उमंग और खुशी देखते ही बन रही थी।
विद्यालय प्रबंधन ने इस भ्रमण को प्रत्येक विद्यार्थी की पहुंच में रखने के उद्देश्य से अत्यंत कम शुल्क निर्धारित किया, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस यादगार यात्रा का हिस्सा बन सके। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को स्वादिष्ट नाश्ते के साथ-साथ पौष्टिक एवं लजीज दोपहर का भोजन भी परोसा गया। भोजन की उत्तम व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण आतिथ्य की बच्चों, अभिभावकों तथा स्टाफ सदस्यों ने सराहना की। भ्रमण के दौरान विद्यालय के अध्यापकों ने बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन एवं सुविधा का विशेष ध्यान रखा। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सभी गतिविधियों में भाग लिया तथा आपसी सहयोग, अनुशासन और सौहार्द का भी परिचय दिया।
बच्चों ने इस भ्रमण को अपने जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बताया। विद्यालय के मुख्य अध्यापक छगन सेठी ने कहा कि निरंतर पढ़ाई के बीच विद्यार्थियों को समय-समय पर ऐसे मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक भ्रमणों का अवसर मिलना चाहिए। इससे बच्चों का मानसिक तनाव दूर होता है, उनमें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है तथा वे पुन: पूरी लगन और उत्साह के साथ अध्ययन में जुटते हैं।
उन्होंने कहा कि एक दिन पढ़ाई से दूर प्राकृतिक एवं मनोरंजक वातावरण में बिताया गया समय बच्चों के लिए अत्यंत रोमांचकारी और प्रेरणादायक रहा। वाटर पार्क से लौटते समय सभी विद्यार्थियों के चेहरों पर संतोष, उल्लास और नई ऊर्जा साफ दिखाई दे रही थी। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि संगम स्कूल भरोखां का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को भी समान महत्व देना है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण, खेलकूद, सांस्कृतिक तथा मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, ताकि विद्यार्थी पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ जीवनोपयोगी अनुभव भी प्राप्त कर सकें।