CDLU SIRSA के विद्यार्थियों ने SIRSA जिला जेल का किया शैक्षणिक भ्रमण
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA के विधि विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा निर्देशन एवं विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोहताश के मार्गदर्शन में L.L.B. 3 वर्षीय पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर एवं बी.ए. एल.एल.बी. के दसवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने जिला जेल का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कारागार प्रशासन, न्याय व्यवस्था, कैदियों के पुनर्वास तथा जेल की कार्यप्रणाली से व्यवहारिक रूप से अवगत करवाना था। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण के माध्यम से जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं को नजदीक से समझा और कानून की पढ़ाई से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
जेल प्रशासन की ओर से जेल अधीक्षक जसवंत सिंह, उप जेल अधीक्षक कुलदीप और दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा उन्हें जेल परिसर का विस्तृत भ्रमण करवाया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों के रहन-सहन, सुधारात्मक गतिविधियों, शिक्षा एवं कौशल विकास कार्यक्रमों तथा पुनर्वास संबंधी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार जेल प्रशासन कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न सुधारात्मक कार्यक्रम संचालित करता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जेल के विभिन्न भागों का अवलोकन किया तथा जेल प्रशासन से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया, बंदियों के अधिकारों एवं जेल प्रशासन के समक्ष आने वाली चुनौतियों के बारे में भी जानकारी दी। विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोहताश ने कहा कि विधि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को न्यायिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इससे पूर्व विद्यार्थियों को हाईकोर्ट का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया जा चुका है, ताकि विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया एवं विधिक व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। अंत में विभाग के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने जेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ विभाग के प्राध्यापक डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. ज्योत्सना चौधरी उपस्थित रहे।