सी.वी. रमन के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुसंधान में अपना योगदान दें विद्यार्थी: डॉ. जय प्रकाश

 

Mahendra india news, new delhi
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर जेसीडी मेमोरियल कॉलेज में विज्ञान और प्रौद्योगिकी : विश्व को आकार देता 2026 विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
 इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश ने शिरकत की उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में जेसीडी प्रबंधन प्रतिनिधि ओम प्रकाश भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी मेमोरियल कॉलेज की प्राचार्य रणजीत सिंह द्वारा की गई ।


जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने इन प्रतियोगिताओं में विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के इन गतिविधियों में शामिल होने से उनकी संवेदनशीलता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है।


उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की थीम विज्ञान और प्रौद्योगिकी : विश्व को आकार देता वर्तमान युग की आवश्यकताओं को दर्शाती है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से मानव जीवन अधिक सरल, सुरक्षित और उन्नत बन रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिक सोच को अपनाकर नवाचार की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही विज्ञान और तकनीक के माध्यम से राष्ट्र और विश्व के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।


 इससे उनका वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि और झुकाव बढ़ता है देश के विकास का रास्ता विज्ञान से होकर गुजरता है, इसलिए भारत में हमेशा से विज्ञान को बढ़ावा दिया जाता रहा है।
 उन्होंने कहा कि आज का दिन महान वैज्ञानिक सी वी रमन से प्रेरणा लेने के लिए मनाया जाता है। डॉ. रमन नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले एकमात्र भारतीय वैज्ञानिक थे जो भारत में जन्मे और यहीं पर कार्य करते हुए नोबल पुरस्कार प्राप्त किया। सभी विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेते हुए अनुसंधान की और आगे बढऩा चाहिए और विकसित भारत में अपना योगदान देना चाहिए।


प्राचार्य रणजीत सिंह ने सभी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विज्ञान का अध्ययन बच्चों में जिज्ञासा, तर्कशीलता और कठिनाइयों का सामना करने का साहस विकसित करता है। इससे विद्यार्थियों में समस्याओं का समाधान खोजने की सकारात्मक और वैज्ञानिक आदत बनती है।


उन्होंने  कहा कि विज्ञान विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य के लक्ष्यों को सही दिशा प्रदान करता है तथा उन्हें नई-नई खोजों और ज्ञान से जोड़ता है। विज्ञान के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने का संकल्प लेते हैं।

इस कार्यक्रम में कई इंटर कॉलेज प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिसमें पोस्टर बनाने से लेकर, पीपीटी बनाने से लेकर मॉडल और कोलाज प्रस्तुतियों तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ। 


निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. सिल्की बागला और डॉ. रीटा द्वारा निभाई गई। 
विभिन्न प्रतियोगिताओं के अंतर्गत पावर प्वाइंट प्रस्तुति प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन से रूबी ने प्राप्त किया, द्वितीय स्थान जेसीडी डेंटल कॉलेज से मयंक ने प्राप्त किया तथा तृतीय स्थान जेसीडी मेमोरियल कॉलेज से पलक ने प्राप्त किया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन से सोनिका ने, द्वितीय स्थान जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन से तमन्ना ने तथा तृतीय स्थान जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन से वर्षा और सुकब्रानी ने प्राप्त किया।


कोलाज मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जेसीडी मेमोरियल कॉलेज से निरजाला और नसीब ने, द्वितीय स्थान जेसीडी मेमोरियल कॉलेज से अंशरीत और तनुप्रिया ने तथा तृतीय स्थान जेसीडी मेमोरियल कॉलेज से मुस्कानदीप और नवजोत कौर ने प्राप्त किया।
साइंस एवं टेक्नोलॉजी शोकेस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जेसीडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से अजय कुमार और आर्यन ने, द्वितीय स्थान जेसीडी मेमोरियल कॉलेज से अभय और अरमान ने तथा तृतीय स्थान बी.डी. जेसीडी डेंटल कॉलेज से कसक और कनिका ने प्राप्त किया।


अंत में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। 
विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल प्रोजेक्ट्स को सभी द्वारा काफी सराहा गया और उन्हें प्रोत्साहित किया गया। मंच का संचालन डॉ. बिंदिया द्वारा किया गया।
 इस अवसर पर कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर डॉ. इंदु के अलावा डॉ. मधु, डॉ. प्रगति राठी, अंजलि, प्रियंका अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।