शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज SIRSA में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन

 
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सिरसा शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज, सिरसा में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड एनवायरनमेंटल एथिक्स: सिविलाइजेशनल विजडम, इकोलॉजिकल कॉन्शसनेस एंड सस्टेनेबल फ्यूचर्स रहा। यह आयोजन आईक्यूएसी के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलगुरु प्रो. डॉ. विजय कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ताओं प्रो. डॉ. विनोद कुमार गर्ग (डीन, पर्यावरण एवं भू-विज्ञान संकाय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंजाब) तथा प्रो. वंदना पुनिया (डीन एवं अध्यक्ष, शिक्षा संकाय, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार) द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रबंधन समिति, विशिष्ट अतिथिगण, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, फैकल्टी सदस्य एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। सहायक प्रवक्ता मैडम रिपना ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया, जबकि डॉ. मोनिका ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. विजय कुमार ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि पर्यावरणीय संकट का समाधान हमारी संस्कृति के मूल्यों—सह-अस्तित्व, संतुलन और संरक्षण में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को सतत विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. विनोद कुमार गर्ग ने भारतीय ज्ञान परंपरा और पर्यावरणीय नैतिकता के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को पूजनीय माना गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणादायक दृष्टिकोण प्रदान करती है। वहीं प्रो. वंदना पुनिया ने शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर बल देते हुए कोविड-19 महामारी के अनुभव साझा किए और संतुलित जीवनशैली की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान ब्रीडिंग डोमेन पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

अंत में प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. रिशु तोमर एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि कुलगुरु द्वारा अन्य अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित तकनीकी सत्रों में लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 50 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में डॉ. कृष्ण कांत (प्राचार्य, माता हरकीदेवी महिला शिक्षा महाविद्यालय, ओढ़ा), डॉ. चरणप्रीत कौर (एडमिनिस्ट्रेटर, शाह सतनाम जी एजुकेशन कॉलेज, सिरसा) तथा डॉ. संजू बाला ढुल (अध्यक्ष, भोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा) ने शोधार्थियों के प्रस्तुतिकरण पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर डॉ. मंजू नेहरा (डीन यूथ वेलफेयर, सीडीएलयू) सहित विभिन्न संस्थाओं के प्राचार्य एवं गणमान्य व्यक्तियों—डॉ. भूषण मोंगा, डॉ. दिलावर सिंह, डॉ. रजनी बाला, डॉ. शत्रुजीत सिंह, डॉ. शीला पुनिया, डॉ. नवजोत—ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कॉलेज प्रबंधन समिति से डॉ. शशी भूषण आनंद, रामकिशन बजाज, आर.के. चौहान, कर्नल नरेंद्र पाल तूर एवं हिमानी तूर ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।