HARYANA में सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का भविष्य हो रहा सुरक्षित और उज्जवल

 
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI

बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना आज के समय में बेहद कारगर साबित हो रही है। इस योजना के तहत जिले के किसी भी डाकघर या बैंक में आसानी से खाता खोला जा सकता है, जिससे माता-पिता अपनी बेटी के लिए छोटी-छोटी बचत कर भविष्य में बड़ी आर्थिक सहायता तैयार कर सकते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बढ़ावा देने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। योजना के अंतर्गत मात्र 250 रुपये की न्यूनतम राशि से खाता खोला जा सकता है, जबकि एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा करवाने की सुविधा दी गई है। सरकार द्वारा इस योजना में जमा की गई राशि और परिपक्वता पर मिलने वाली रकम पर आयकर में छूट भी प्रदान की जाती है।

इस योजना की एक खास विशेषता यह है कि इसमें जमा राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है, जिससे समय के साथ बचत में अच्छी वृद्धि होती है। वर्ष 2026 के अनुसार, इस योजना पर लगभग 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर दी जा रही है, जो इसे अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक आकर्षक बनाती है।

योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसकी पढ़ाई के लिए खाते से 50 प्रतिशत राशि निकाली जा सकती है। वहीं, खाता 21 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर या बेटी के 18 वर्ष के बाद विवाह होने की स्थिति में बंद कराया जा सकता है। 

योजना के तहत बेटी का खाता किसी भी बैंक की शाखा या पोस्ट ऑफिस में खुलवाया जा सकता है। खाता खुलवाने के लिए अभिभावकों को आवेदन पत्र के साथ बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का फोटो, पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र जमा करवाना आवश्यक होता है। योजना का लाभ लेने के लिए बेटी की आयु 10 वर्ष से कम होनी चाहिए।

सुकन्या समृद्धि योजना न केवल बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करती है। यह योजना वास्तव में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।