आशीर्वाद मुहिम बनी सहारा, सिरसा ब्लॉक की साध-संगत ने निभाया कन्यादान का फर्ज
mahendra india news, new delhi
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाई जा रही आशीर्वाद मुहिम जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना है, एक बार फिर मानवता और सेवा का अनुपम उदाहरण बनी है। इसी मुहिम के तहत सिरसा शहर के भारत नगर स्थित एक गरीब परिवार की कन्या की शादी में साध-संगत ने आगे बढ़कर सहयोग किया और बेटी के हाथ पीले करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक सिरसा के जोन नंबर-1 की महिला श्रद्धालुओं ने भारत नगर निवासी सीताराम की पुत्री पूनम की शादी में घरेलू जरूरत का समस्त सामान भेंट कर परिवार को संबल प्रदान किया। पूनम की शादी 8 फरवरी को निश्चित है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह की तैयारियां कठिन हो रही थीं। ऐसे में परिवार की ओर से सहयोग की अपील की गई।
- साध-संगत ने लिया सेवा का संकल्प
सिरसा ब्लॉक की प्रेमी सेवक बहन वीना कक्कड़ इन्सां ने बताया कि सीताराम की दो बेटियां हैं और सीमित आमदनी के कारण विवाह का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। जानकारी मिलते ही जोन नंबर-1 की समस्त महिला साध-संगत ने पूज्य गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाते हुए बेटी की शादी में सहयोग करने का निर्णय लिया। शनिवार को साध-संगत ने बेटी के घर पहुंचकर पूरे श्रद्धा भाव से सामान भेंट किया और उसे आशीर्वाद दिया।
- बेटी को दिया गया पूरा गृहस्थी का सामान
साध-संगत की ओर से बेटी की शादी में बेड, गद्दे, चार कुर्सियां, मेज, 51 स्टील के बर्तन, 11 लड़कियों के सूट, दो जेंट्स सूट, एक लहंगा, गर्मी-सर्दी की चद्दरें, बिस्तर, दरियां सहित अन्य घरेलू जरूरत का सामान प्रदान किया गया। इसके साथ-साथ पूज्य गुरु जी का एक सुंदर पावन स्वरूप भी भेंट किया गया, जिससे बेटी का नया जीवन गुरु आशीर्वाद से प्रारंभ हो सके।
- भावुक हुआ परिवार, जताया आभार
इस अवसर पर बेटी के पिता सीताराम और उनके परिवारजन भावुक हो उठे। उन्होंने साध-संगत और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से न केवल बेटी की शादी संभव हो पाई, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और नई उम्मीद भी मिली है। आशीर्वाद मुहिम के माध्यम से पूज्य गुरु जी समाज में यह संदेश दे रहे हैं कि बेटी बोझ नहीं, जिम्मेदारी है और जब समाज साथ खड़ा होता है तो कोई भी परिवार अकेला नहीं रहता।
्रफोटो: सिरसा01,02- बेटी को पूज्य गुरु जी का पावन स्वरूप देती साध-संगत व लड़की कोे शादी में दिया गया घरेलू जरूरत का सामान।