सॉइंग टू ग्रोइंग अभियान के तहत अंग्रेजी विभाग ने किया पौधारोपण
The English Department conducted a tree plantation drive under the 'Sowing to Growing' campaignmahendra india news, new delhi
राष्ट्रीय विद्यार्थी पर्यावरण प्रतियोगिता (NSPC) के अंतर्गत ‘Sowing to Growing – हर नागरिक की भागीदारी, पर्यावरण की जिम्मेदारी’ अभियान के तहत चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अंग्रेजी तथा विदेशी भाषा विभाग द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय, के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न चरणों में भाग लिया। सर्वप्रथम विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण करवाया और पर्यावरण संबंधी विषयों पर आधारित क्विज में हिस्सा लिया। इसके माध्यम से पर्यावरण, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों एवं उनके संरक्षण से संबंधित विद्यार्थियों के ज्ञान का आकलन किया गया। इसके बाद प्रतियोगिता के अगले चरण के रूप में पौधारोपण दिवस आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पर्यावरणीय मामलों के मानद सलाहकार मित्तरसैन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर प्रो. उमेद सिंह, प्रो. अनु शुक्ला, NSPC की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन वर्मा, डॉ. प्रियंका नैन, विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के अभिनंदन एवं पौधा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने विभिन्न पौधों के पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने बताया कि पौधे वातावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण, वायु शुद्धिकरण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पौधारोपण से पूर्व सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा समाज के अन्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का भी प्रण लिया।इसके पश्चात विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लगभग 50 पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की निरंतर देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऐसे अभियानों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंग्रेजी विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।राष्ट्रीय विद्यार्थी पर्यावरण प्रतियोगिता (एनएसपीसी )का पोर्टल 15 सितम्बर को बंद हो चुका है और जिला सिरसा एनएसपीसी में पूरे हरियाणा में पहले स्थान पर रहा जिला सिरसा में एनएसपीसी के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा सबसे अधिक संख्या में भाग लिया गया