चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा बैठक का आयोजन
Meeting organized by Internal Quality Assurance Cell (IQAC) at Chaudhary Devi Lal University, Sirsa
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कुलगुरु कार्यालय के कमेटी रूम में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार द्वारा की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नेक) के विभिन्न एट्रीब्यूट्स एवं गुणवत्ता मानकों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने बैठक में इंडियन नॉलेज सिस्टम को शैक्षणिक गतिविधियों में और अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने, सॉफ्टवेयर के उपयोग को बढ़ाकर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सशक्त बनाने तथा प्रत्येक विभाग में स्किल-बेस्ड लैब को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही भारतीय भाषाओं के संवर्धन के लिए सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ इंडियन लैंग्वेजेज को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि डीन ऑफ कॉलेजिज एवं डीन रिसर्च के सहयोग से एफडीपी (फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम) आयोजित किए जाएंगे, जिनमें यूसीआईके सेंटर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में कम से कम एक स्मार्ट क्लासरूम उपलब्ध है तथा सभी स्टाफ सदस्यों को तकनीकी एवं अकादमिक रूप से प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने स्तर पर नेक मानकों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करेगा तथा समयबद्ध रूप से प्रगति रिपोर्ट आईक्यूएसी को प्रस्तुत करेगा जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता को ओर अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
आईक्यूएसी के निदेशक प्रोफेसर राजकुमार तथा आईक्यूएसी समन्वयक डॉ मंजू नेहरा ने बैठक में नेक के नवीन दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए सभी विभागों को आवश्यक दस्तावेजीकरण, डेटा संकलन एवं गुणवत्तापरक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के बारे में बताया। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, नवाचार एवं सामुदायिक सहभागिता को ओर अधिक सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, आईक्यूएसी के सदस्य तथा समन्वयक उपस्थित रहे।