हरियाणा प्रदेश के गरीबों को ज्यादा राशन देने की तैयारी में नायब सरकार, 5 प्रदेशों के मॉडल का अध्ययन करेगी टीम

 

mahendra india news, new delhi 
हरियाणा प्रदेश सरकार समय समय पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन ज्ञापन करने वालों को सुविधा दे रही है। अब नायब सरकार गरीबी रेखा से नीचे वालों को राशन की मात्रा बढ़ाने पर विचार कर सकती है। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम यूपी, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली व हिमाचल प्रदेश सहित कई प्रदेशों का दौरा करेगी।

इन प्रदेशों के अंदर जाकर यह टीम पता करेगी कि वहां गरीबों को राशन वितरण करने की व्यवस्था का संचालन कैसे होता है तथा बीपीएल व अंत्योदय श्रेणी में आने वाले लोगों को क्या-क्या तथा कितनी मात्रा में खाद्य वस्तुएं वितरित की जाती हैं।

इसके बाद रिपोर्ट आने के बाद अगर इन प्रदेशों में गरीब लोगों को कुछ अतिरिक्त खाद्य पदार्थ मिल रहे हैं तो वैसी ही व्यवस्था प्रदेश सरकार भी अपनी वितरण सामग्री में जोड़ सकती है। हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को अध्ययन कर रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने 4 दिन पहले ही सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों के साथ हुई आनलाइन बैठक में यह निर्देश जारी किए हैं।


हरियाणा सरकार केंद्र सरकार की एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड प्रणाली को बल देने के लिए यह कदम उठा रही है। हरियाणा प्रदेश में बीपीएल तथा अंत्योदय श्रेणी के करीब 40 लाख कार्ड बने हुए हैं। सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत हर माह करीब 1.57 करोड़ लाभर्थियों को राशन दिया जा रहा है। इनमें 2.86 लाख अंत्योदय परिवार तथा 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय परिवार को 35 किलो और बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं नि:शुल्क दिया जाता है। सरसों का तेल तथा चीनी भी रियायती दर पर दिए जाते हैं।

खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कुछ राज्यों में चना तथा दाल देने की बात सामने आई है। इसके चलते ही उन्होंने दूसरे प्रदेशों की वितरण प्रणाली का अध्ययन करने के लिए अफसरों को आर्देश दिए हैं।