SIRSA में  धरनारत कर्मचारी बोले, न्याय नहीं तो काम नहीं!फायर कर्मचारियों का धरना 6वें दिन भी अनवरत जारी 

The protesting employees in SIRSA said, no work if there is no justice! The strike of fire employees continues uninterrupted for the 6th day.
 
 



सिरसा।  फरीदाबाद अग्निकांड में हुई दो फायर कर्मियों भवी चंद शर्मा और रणवीर सिंह की मौत के मामले में परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर फायर कर्मचारियों का धरना जारी है

सोमवार को धरने की अध्यक्षता कोषाध्यक्ष सुखदेव सिंह ने की। जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने कहा कि फरीदाबाद हादसे में मारे गए दोनों कर्मचारियों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कर्मचारी संघर्ष कर रहे हैं,

लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। इसके अलावा ठेका प्रथा, कौशल रोजगार निगम, पालिका रोल, डोर-टू-डोर और आॅपरेशन मेंटेनेंस जैसे सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी मांग उठाई। जिला प्रधान ने कहा कि आगामी 16 अप्रैल को तीन घंटे का काम बंद, 20-21 अप्रैल को काले बिल्ले लगाकर विरोध, 24-25 अप्रैल को उल्टा झाड़ू प्रदर्शन, 27-28 अप्रैल को क्रमिक भूख हड़ताल और एक और दो मई को दो दिवसीय राज्य स्तरीय हड़ताल की जाएगी।

जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने कहा कि कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन सरकार उनसे सौतेला व्यवहार कर रही है। अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है, न्याय नहीं तो काम नहीं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांग को पूरा नहीं किया जाता, वे यहां से टस से मस नहीं होंगे। धरने में एसकेएस से महेंद्र शर्मा, रमेश सैनी सचिव, निर्मल सिंह, अजय पासी, फायर सिरसा से अशोक मेहला, सुधीर जांदू, बलराम जांदू, श्रवण कंबोज, रामनिवास, केडी बणी वाला, प्रवीन, सिंघम सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।