अल्फावासियों ने आजीवन योग करने का लिया सामूहिक संकल्प
फतेहाबाद। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा स्थानीय अल्फा इंटरनेशनल सिटी पार्क नंबर 1 में आयोजित विलक्षण योग एवं ध्यान साधना शिविर में तीन दिवसीय सभी अल्फावासियों ने भरपूर आनंद लिया। अल्फावासियों के अनुसार स्वामी जी ने जिस सारगर्भित ढंग से व वैदिक और वैज्ञानिक तथ्यों के सामंजस्य से ओतप्रोत योग और प्राणायाम के विषय में बताया ऐसा पहले कभी भी किसी ने नहीं बताया। क्योंकि योग केवल आसन या व्यायाम नहीं, जीवन जीने की समग्र पद्धति है।
जब योग दिनचर्या का हिस्सा बनता है, तब शरीर, मन और आत्मा में संतुलन स्थापित होता है। नियमित आसन-प्राणायाम से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लचीलापन बढ़ता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता तीव्र होती है। हृदय, पाचन और श्वसन तंत्र सुचारू रहते है साथ ही ध्यान और प्राणायाम से तनाव, चिंता, अनिद्रा घटती है। मन की चंचलता रुकती है और एकाग्रता, स्मरण-शक्ति बढ़ती है।
यम-नियम का पालन कर हम संयम, सत्य, अहिंसा, संतोष सीखते हैं। इससे संबंधों में मधुरता और क्रोध पर नियंत्रण आता है। योग का अंतिम लक्ष्य आत्म-साक्षात्कार है। जोकि ब्रह्म ज्ञान द्वारा ही संभव है।
प्रत्याहार, धारणा, ध्यान से हम भीतर उतरते हैं और जीवन का गहन अर्थ समझते हैं। कार्यक्रम में स्वामी जी के साथ जहां सभी अल्फावासियों ने नियमित योग और प्राणायाम करने का सामूहिक संकल्प लिया। वहीं फतेहाबाद अल्फा रेसिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान विजय मेहता व सचिव पृथ्वी सिंह बाना ने स्वामी विज्ञानानंद को संस्थान द्वारा भविष्य में भी ऐसे ही विलक्षण योग शिविर व अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों को अधिक दिनों के लिए करने का आग्रह भी किया। सभी अल्फावासियों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।