संत शिरोमणि कबीर साहिब ने अपनी लेखनी और वाणी से किया समाज सुधार
The revered Saint Kabir Sahib brought about social reform through his writings and teachings
Jun 29, 2026, 15:11 IST
mahendra india news, new delhi
हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री गोपाल कांडा व वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने संत शिरोमणि सदगुरु कबीर साहेब के 628वें प्रकटोत्सव के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने संत कबीर के जीवन, विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि संत कबीर दास एक महान संत होने के साथ-साथ प्रखर विचारक और समाज सुधारक भी थे।
कांडा बंधुओं ने कहा कि संत कबीर ने समाज में फैली कुरीतियों, आडंबरों और अंधविश्वासों पर अपनी लेखनी के माध्यम से तीखा प्रहार किया। उन्होंने दोहों और साखियों के जरिए लोगों को सरल, सच्चा और नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा दी। कबीर की वाणी आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है और लोगों के मन में व्याप्त भ्रम और भ्रांतियों को दूर करने का कार्य करती है।
हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री गोपाल कांडा व वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने संत शिरोमणि सदगुरु कबीर साहेब के 628वें प्रकटोत्सव के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने संत कबीर के जीवन, विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि संत कबीर दास एक महान संत होने के साथ-साथ प्रखर विचारक और समाज सुधारक भी थे।
कांडा बंधुओं ने कहा कि संत कबीर ने समाज में फैली कुरीतियों, आडंबरों और अंधविश्वासों पर अपनी लेखनी के माध्यम से तीखा प्रहार किया। उन्होंने दोहों और साखियों के जरिए लोगों को सरल, सच्चा और नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा दी। कबीर की वाणी आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है और लोगों के मन में व्याप्त भ्रम और भ्रांतियों को दूर करने का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि संत कबीर ने जात-पात, ऊंच-नीच और धार्मिक कट्टरता का हमेशा विरोध किया तथा मानवता, भाईचारे और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस दौर में थे। यदि समाज उनके बताए मार्ग पर चले, तो आपसी भेदभाव को समाप्त कर एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।
इस अवसर पर कांडा बंधुओं ने संत कबीर के आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना चाहिए, ताकि समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि संत कबीर की शिक्षाएं आज के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं और उनके माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है।