बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की जड़ सरकार की उदासीनता: डॉ. अजय सिंह चौटाला

 

mahendra india news, new delhi
 जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानानंतर लाइसेंस देने के मामले में राज्य सरकार को टारगेट करते हुए कहा कि यदि समय रहते राज्य सरकार हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के फैसले के खिलाफ स्टे लेती तो इस प्रदेश स्तरीय हड़ताल को टाला जा सकता था।

गुरुवार को अपने बयान में जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही और उदासीनता के चलते ही बिजली कर्मचारी हड़ताल पर बाध्य हुए हैं और जेजेपी उनकी मांगों का समर्थन करती है। डॉ. चौटाला ने राज्य सरकार से मांग की कि सरकार को कर्मचारी यूनियन से तुरंत वार्ता कर इस हड़ताल को खत्म करवाना चाहिए ताकि प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चालू रखी जा सके और हड़ताल से आम लोगों को होने वाली तकलीफों से दूर किया जा सके। उन्होंने आरोप जड़ा कि राज्य सरकार की मंशा हर एक सेक्टर को निजी हाथों में सौंपना है जो सरासर प्रदेश के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार बिजलीं कर्मचारी यूनियन से तुरंत वार्ता कर इस हड़ताल को खत्म करवाए।

जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. चौटाला ने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते इस त्योहारी सीजन में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल होने से आम लोगों के साथ साथ सभी दुकानदारों और उद्योगों को भी काफी नुकसान होगा। उन्होंने सरकार से पुरजोर मांग की कि तुरंत कर्मचारियों से वार्ता कर इस समस्या का समाधान करना चाहिए और जब तक इस समस्या का समाधान न हो तब तक नियामक की ओर से बिजली वितरण का समानानंतर लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ सरकार को तुरंत विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दाखिल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जननायक जनता पार्टी प्रदेश में निजीकरण का विरोध करती है और बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने यदि समय रहते कोई एक्शन लिया होता तो कर्मचारियों की इस हड़ताल को टाला जा सकता था