सिरसा रामलीला में दशरथ का स्वर्गगमन और राम-केवट संवाद का मंचन, 20 अक्टूबर को होगा रावण दहन
mahendra india news, new delhi
सिरसा श्री रामा क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित होने वाले 77वें श्री रामलीला के छठे दिन शुक्रवार रात को त्रिया हठ के कारण दशरथ का स्वर्गगमन, भारत का ननिहाल से वापस लौटना और अपनी माता कैकयी को खरी खरी सुनाना, वन में राम लक्ष्मण और सीता का गंगा पार जाना और केवट संवाद इत्यादि का मनोहारी मंचन किया गया। देर रात तक चले इस आदर्श रामलीला को देखने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं।
शुक्रवार रात्रि को मंचित की गई रामलीला के अवसर पर हरियाणा श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रोहताश जांगड़ा, वरिष्ठ पत्रकार संजय अरोड़ा , आरके भारद्वाज, श्री रामा क्लब के संरक्षक श्याम बजाज, डा. कुलभूषण बधवा सहित अनेक गणमान्य लोग पहुंचे। क्लब के प्रधान अश्वनी बठला , महासचिव गुलशन बधवा, विशंभर चुग, सुरेश कालड़ा, अनिल डुमरा , गुलशन गाबा ,अनिल बांगा , मनीष एलाबादी , मिंटू कालड़ा, उमेश मेहता ने आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
रघुकुल की मर्यादा के अनुसार पिता दशरथ द्वारा दिए गए वचन को निभाने के लिए भगवान राम, अपनी पत्नी सीता व भाई लक्ष्मण के साथ वन को चले जाते हैं । मंत्री सुमन्त आकर यह समाचार राजा दशरथ को सुनते हैं जिसे सुनकर राजा दशरथ पुत्र वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। उधर ननिहाल गए भरत व शत्रुघ्न के स्वप्न में अयोध्या में अनिष्ट होने का एहसास होता है । इन दोनों ही दृश्य में स्पेशल लाइट इफेक्ट से दृश्य को जीवंत कर दिया गया। इसी दौरान संदेश वाहक भारतीय शत्रुघ्न को जल्द अयोध्या पहुंचने का संदेश देते हैं जिसे सुनकर दोनों भाई अयोध्या आते हैं अपने पिता की मृत्यु के बारे में जानकर अत्यंत दुखी होते हैं । इस सारे घटनाक्रम के लिए दासी मंथरा व अपनी मां कैकई को दोषी पाते हैं और वे उन्हें खरी खरी सुनते हैं।
वन में राम , लक्ष्मण व सीता जब गंगा पर करने के लिए किनारे पर आते हैं तो वहां केवट परिवार उन्हें नाव में चढ़ने से मना कर देता है । बाद में केवट भगवान राम सीता व लक्ष्मण के पांव पखारते हैं और उसे जल को ग्रहण करते हैं । इसके बाद वे तीनों को गंगा के उसे पार पहुंचते हैं। उतराई के रूप में सीता उन्हें अपनी अंगूठी देना चाहती है जिसे केवट परिवार मना कर देता है केवट कहता है कि एक समान काम करने वाले एक दूसरे से कुछ नहीं लेते। केवट कहता है कि आज जब आप गंगा तट पर आए हो तो मैंने आपको पार कर दिया और जब मैं भवसागर में आऊं तो आप मुझे भवसागर से पार कर देना।
इन दृश्यों में भगवान राम के किरदार में ऋषभ गाबा, सीता के किरदार में सिया गाबा, लक्ष्मण गौरव मेहता , भरत रवि भारती , शत्रुघ्न सौरभ मेहता , दशरथ अमित मिढ़ा बने । वही केवट परिवार में प्रेम मेहता , मिंटू कालड़ा , प्रवेश कंबोज , ओम प्रकाश चावला, पुष्पेंद्र खट्टर , पवन मेहता यशपाल मेहता व राकेश भाटिया ने शानदार अभिनय किया।
विधायक गोकुल सेतिया होंगे दशहरा महोत्सव के मुख्य अतिथि
श्री राम क्लब द्वारा आयोजित 77वें दशहरा महोत्सव के अवसर पर 20 अक्टूबर को सिरसा शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और शाम को रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए श्री रामा क्लब के प्रधान सनीअश्वनी बठला व महासचिव गुलशन बधवा ने बताया कि दशहरा महोत्सव पर 20 अक्टूबर को प्रात 11 बजे जनता भवन रोड स्थित रामलीला ग्राउंड से शोभायात्रा शुरू होगी जो शहर के विभिन्न बाजारों से होती हुई सावन पब्लिक स्कूल के पास बनाए गए दशहरा ग्राउंड में पहुंचेगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया पहुंचेंगे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार संजय अरोड़ा करेंगे । विशिष्ट अतिथि क्लब के संरक्षक श्याम बजाज होंगे। शाम को पूजन के पश्चात रावण कुंभकरण के पुतलों को अग्निभेंट किया जाएगा।