सरसों की इस नई किस्म से होगा बंपर उत्पादन, मिल सकती है 23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार

 

mahendra india news, new delhi
किसानों ने सरसों की बिजाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। सरसों की कुछ ही हफ्ते के बाद में बिजाई शुरू हो जाएगी। रबी के सीजन में सरसों की बिजाई करने वाले किसानों के लिए गुड न्यूज खबर है। किसान इस साल सरसों की खेती से रिकॉर्ड उत्पादन और बेहतरीन मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर द्वारा विकसित सरसों की नई एवं उन्नत किस्म तैयार की गई है। इस किस्म की काफी डिमांड बताई जा रही है। 

भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर द्वारा विकसित सरसों की नई एवं उन्नत किस्म BPM (Q) 172 (DRMRCI 172) आपके लिए एक सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। रबी सीजन में BPM (Q) 172 (DRMRCI 172) किस्म की बुवाई करना चाहते हैं, वे इसके प्रामाणिक और गुणवत्तापूर्ण बीज 30 सितंबर तक सीधे भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIRMR/DRMR), सेवर, भरतपुर (राजस्थान) से संपर्क करके प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य विशेषताएं:

बंपर उत्पादन क्षमता: इस किस्म की औसत उत्पादन क्षमता 2304 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर (लगभग 23 क्विंटल/हेक्टेयर) है।

उच्च तेल प्रतिशत: इसके दानों में 41.8 प्रतिशत तक शुद्ध तेल की मात्रा पाई जाती है, जिससे मंडियों में किसानों को इसके अच्छे दाम मिलते हैं।

कम समय में पकाने की अवधि: यह फसल औसतन 131 दिनों में पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है।

पौधों की संरचना: इसके पौधों की औसत ऊंचाई 191 सेमी तक होती है, जिससे पौधों में फलियां अधिक संख्या में आती हैं।

बीमारियों और कीटों से सुरक्षा: यह किस्म सफेद रोली/सफेद रतुआ (Resistant to White Rust) रोग के प्रति पूर्ण प्रतिरोधी है और इसमें चेपा/माहू (Aphid) कीट का प्रकोप भी काफी कम होता है