हरियाणा प्रदेश के 3 जिलों की प्यास बुझाएगी 3 हजार करोड़ की यह स्कीम, सीएम नायब सैनी ने केंद्र के साथ किया एमओयू 

 
mahendra india news, new delhi

गर्मी के मौसम में पानी की लागत बढ़ जाती है। गर्मी के दिनों में पानी की कमी के कारण हरियाणा प्रदेश के कई गांवों में जल संकट गहरा जाता है। इसी को लेकर प्रदेश की नायब सरकार ने जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी की किल्लत को जड़ से खत्म करने की योजना बनाई है। इस स्कीम के तहत 3,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है।

पिछले दिनों हरियाणा प्रदेश के CM नायब सिंह सैनी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C.R. पाटिल की मौजूदगी में जल जीवन मिशन 2.0 के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। 

दक्षिण हरियाणा के लिए विशेष योजना
 जल जीवन मिशन 2.0 के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता के तहत इस स्कीम का सबसे बड़ा लाभ दक्षिण हरियाणा के उन जिलों को होगा। यहां पर काफी लंबे वक्त से जल संकट झेल रहे हैं। प्रदेश के सीएम नायब सिंह ने बताया कि नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों के लिए विशेष परियोजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया कि वॉटर स्टोरेज टैंकों का आधुनिकीकरण होगा। ताकि गर्मियों में पानी का पर्याप्त स्टॉक रहे।
जो परिवार अभी भी पाइपलाइन से नहीं जुड़े हैं, उन्हें इस चरण में कवर किया जाएगा।


प्रदेश के CM ने बताया कि मिशन का यह दूसरा चरण वर्ष 2028 तक चलेगा। सीएम सैनी ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में 'हर घर नल' का टारगेट कामयाबी पूर्वक पूरा करने के बाद, अब हरियाणा सरकार का ध्यान पानी की गुणवत्ता और दीर्घकालीन प्रबंधन पर है। जिसको लेकर प्रदेश के सभी 23 जिलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं और मोबाइल टेस्टिंग वैन तैनात की गई हैं।


इस 3000 करोड़ के निवेश से न केवल बुनियादी ढांचा सुधरेगा, बल्कि 'विश्वास'  पोर्टल के माध्यम से बिलिंग और शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी प्रणाली भी लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे एक 'जन आंदोलन' बनाने का आह्वान किया है।