सीडीएलयू SIRSA में नेक एवं अन्य रैंकिंग पर तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा नेक एवं अन्य रैंकिंग विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को टैगोर लेक्चर थिएटर में किया गया। कार्यक्रम में एनआईटी कुरुक्षेत्र के पूर्व डीन अकादमिक डॉ. एस.के. चक्रवर्ती ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि नेक एवं अन्य रैंकिंग प्रणाली उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम हैं। इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षण, शोध और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाती हैं तथा संस्थान को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करती हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्थान पूर्ण नहीं होता, प्रत्येक संस्थान एक सतत शिक्षार्थी होता है। नेक मूल्यांकन प्रक्रिया इसी निरंतर सुधार की भावना को मजबूत करती है।
डॉ. चक्रवर्ती ने जानकारी दी कि नेक की स्थापना 16 सितंबर 1994 को हुई थी, जबकि एनआईआरएफ पिछले लगभग 7 वर्षों से उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नेक रिफॉर्म्स–2024, बाइनरी एक्रिडिटेशन प्रणाली तथा डॉक्यूमेंटेशन में तथ्यात्मक सटीकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के दौरान संस्थान का पैनोरमिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना अत्यंत आवश्यक है, जिसमें एजेंडा, मीटिंग के मिनट्स और एक्शन टेकन रिपोर्ट जैसे दस्तावेजों की अहम भूमिका होती है। नेक के सात मानदंडों को बढाकर अब दश कर दिया गया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि नेक एवं अन्य रैंकिंग केवल मूल्यांकन की प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि ये संस्थानों को निरंतर आत्ममंथन, गुणवत्ता सुधार और नवाचार के लिए प्रेरित करती हैं। गुणवत्ता उत्कृष्टता के लक्ष्य तभी प्राप्त किए जा सकते हैं जब विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी सामूहिक रूप से सहभागी बनें। उन्होंने आईक्यूएसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में हुई नेक विजिट के पश्चात अब अगली विजिट वर्ष 2027 में प्रस्तावित है, जिसके लिए अभी से ठोस एवं व्यवस्थित तैयारी आवश्यक है।
कार्यशाला में कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार, डीन अकादमिक प्रोफेसर सुशील कुमार ,यूएसजीएस के डीन प्रोफेसर काशिफ , परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राजकुमार सलार , प्रोफेसर जोगिंदर दुहन , प्रोफेसर पंकज शर्मा सहित ,सभी विभागाध्यक्ष (यूटीडी), निदेशक, समन्वयक, नोडल अधिकारी, शाखा प्रमुख एवं आईक्यूएसी के सदस्य उपस्थित रहे।आईक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर राजकुमार ने सभी का स्वागत किया गया जबकि धन्यवाद आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ मंजू नेहरा द्वारा किया गया। मंच का संचालन डॉ भूमिका शर्मा द्वारा किया गया।