टाइम बैंक आफ इंडिया सिरसा चैप्टर, टाइम बैंक में धन नहीं समय जमा होता है : सुमन मित्तल

 
mahendra india news, new delhi

टाइम बैंक आफ इंडिया सिरसा चैप्टर की बैठक श्री पंचमुखी बाला जी गौ धाम में आयोजित की गई। टाइम बैंक सिरसा के एडमिन सुमन मित्तल ने बताया कि यह एक ऐसा अनूठा बैंक है जिसमें रुपये नहीं बल्कि समय जमा होता है और समय की निकासी भी होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह से बचाए गए समय का उपयोग किसी के एकाकीपन या तनाव को दूर कर उसके चेहरे पर हंसी लाने के लिउ किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस भौतिकवादी युग में लोग विशेषतः बुजुर्ग अकेलेपन के कारण तनाव का शिकार हो रहे हैं क्योंकि उनके साथ समय बिताने, बीमार होने पर चिकित्सक को दिखाने या अन्य छोटे मोटे कामों के लिए कोई साथी नहीं होता।

सुमन मित्तल ने बताया कि इस संस्था से जुड़ने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति आनलाइन अपना विवरण भरकर व केवाईसी के लिए डाक्यूमेंट अपलोड कर इससे जुड़ कर टाइम बैंक का सदस्य बन सकता है। सदस्य बनने के लिए आफ लाइन फार्म भी भरा जा सकता है। सुमन मित्तल, कुलवंत सिंह करगवाल, राजेन्द्र गुप्ता ने सभा में उपस्थित सदस्यों व अन्य को टाइम बैंक की स्थापना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली व नए सदस्यों को रजिस्टर करने की आनलाइन विधि के बारे में विस्तार से अवगत कराया और कहा कि इस बैंक के माध्यम से सदस्य समय रूपी धन डोनेट करते हैं। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने गौवंश को हरा चारा, गुड़ तथा चूरी खिलाई।

बैठक में सुमन मित्तल, कुलवंत सिंह करगवाल, राजेन्द्र गुप्ता,  कुलवंत सिंह, विनोद उपाध्याय, सतीश केडिया, हरीश साहूवाला, बाबू राम मित्तल, रेणु, सुरभि, पवन व अन्य सम्मिलित हुए। सभी उपस्थित सदस्यों ने शीघ्र ही नए सेवा भावी सदस्य जोड़ने का आश्वासन दिया ताकि सदस्यता विस्तार के साथ ही सेवा कार्य में तेजी लायी जा सके। कुलवंत सिंह करगवाल ने प्रिंट मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से टाइम बैंक की अवधारणा के बारे में लोगों को अवगत कराने का सुझाव दिया। सतीश केडिया व बाबू राम मित्तल ने टाइम बैंक की स्थापना के पीछे की मूल भावना के बारे में विस्तार से चर्चा की और कहा कि एकाकीपन के शिकार बुजुर्गों के लिए यह संस्था बहुत कारगर सिद्ध हो रही है। राजेन्द्र गुप्ता ने रिटायर्ड अध्यापकों के संघ में टाइम बैंक के बारे में व चर्चा कर नए सदस्य जोड़ने हेतु प्रयास करने का आश्वासन दिया। सभा का समापन विनोद उपाध्याय के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।