पूर्व सरपंच की कार पर गिरी पेड़ की शाखा, ख्योंवाली-रोहिडांवाली मार्ग पर एक अन्य कार भी हुई क्षतिग्रस्त
mahendra india news, new delhi
सिरसा। तेज आंधी और तूफान के कारण ग्राम ख्योेंवाली, खण्ड ओढां, जिला सिरसा में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। आंधी के दौरान पूर्व सरपंच रीना बीरट की कार पर एक भारी पेड़ की शाखा गिर गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वहीं ख्योंवाली-रोहिड़ांवाली मार्ग पर गांव के एक अन्य व्यक्ति की कार पर भी पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आंधी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे गांव ख्योंवाली में पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली नहीं होने से ग्रामीणों को भीषण गर्मी, उमस, मक्खियों और मच्छरों के बीच रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्व सरपंच रीना बीरट ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान गांव में बिजली घर का निर्माण कराया गया था। उसी समय उन्होंने यह मांग भी उठाई थी कि बिजली घर से गांव तक लगभग एक किलोमीटर लंबी बिजली लाइन को भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल के माध्यम से बिछाया जाए। उनका कहना है कि यदि उस समय यह कार्य कर दिया जाता तो बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती थी और आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियों में भी बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय रहती। रीना बीरट ने मांग की कि जिन किसानों के मकानों के ऊपर से हाई टेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं, उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से हटाकर अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए अथवा कोई वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि की आशंका को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि गांव ख्योंवाली निवासी अमर सिंह सहारण की ढाणी के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन के संबंध में पहले भी शिकायत दी जा चुकी है। आरोप है कि शिकायत का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को बंद कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि यदि भविष्य में इस लाइन के कारण अमर सिंह या उनके परिवार के साथ कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। अंत में रीना बीरट ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से मांग की कि क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने के साथ-साथ गांव में बिजली लाइनों के आधुनिकीकरण, भूमिगत केबल बिछाने तथा जोखिम वाली हाई टेंशन लाइनों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने जैसी स्थायी व्यवस्थाएं लागू की जाएं, ताकि भविष्य में आंधी-तूफान के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्रामीणों को निर्बाध, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध हो सके।