मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत सरकार द्वार दिए जाते हैं ढाई लाख रुपये
Jan 13, 2026, 11:47 IST
mahendra india news, new delhi
हरियाणा सरकार द्वारा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अबतक योजना के तहत 118 लाभपात्रों को दो करोड़ 95 लाख रुपये की राशि खाते में भेजी जा चुकी है।
योजना के तहत के अंतर्गत अनुसूचित जाति के युवक या युवती द्वारा अन्य जाति में विवाह करने पर सरकार की ओर से कुल 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। इसमें से 1.25 लाख रुपये विवाह के उपरांत संयुक्त बैंक खाते में दिए जाते हैं, जबकि शेष 1.25 लाख रुपये की राशि तीन वर्षों के लिए संयुक्त सावधि जमा (एफडी) के रूप में जमा की जाती है।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए अनुसूचित जाति से संबंधित लडक़ा लडक़ी हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदन विवाह के बाद तीन वर्षों के भीतर किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिसे विभागीय वेबसाइट https://saralharyana.gov.in के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।
जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों में वर-वधू की जन्मतिथि प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, संयुक्त बैंक खाता पासबुक, हरियाणा निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, विवाह की फोटो तथा शपथ पत्र शामिल हैं।
हरियाणा सरकार द्वारा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अबतक योजना के तहत 118 लाभपात्रों को दो करोड़ 95 लाख रुपये की राशि खाते में भेजी जा चुकी है।
योजना के तहत के अंतर्गत अनुसूचित जाति के युवक या युवती द्वारा अन्य जाति में विवाह करने पर सरकार की ओर से कुल 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। इसमें से 1.25 लाख रुपये विवाह के उपरांत संयुक्त बैंक खाते में दिए जाते हैं, जबकि शेष 1.25 लाख रुपये की राशि तीन वर्षों के लिए संयुक्त सावधि जमा (एफडी) के रूप में जमा की जाती है।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए अनुसूचित जाति से संबंधित लडक़ा लडक़ी हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदन विवाह के बाद तीन वर्षों के भीतर किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिसे विभागीय वेबसाइट https://saralharyana.gov.in के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।
जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों में वर-वधू की जन्मतिथि प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, संयुक्त बैंक खाता पासबुक, हरियाणा निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, विवाह की फोटो तथा शपथ पत्र शामिल हैं।