किसानों को सब्सिडी पर दी जाने वाली यूरिया खाद को टेक्निकल ग्रेड के कट्टों में भरकर वेरका और मार्कफेड की फीड फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है: एसकेएम गैर-राजनीतिक

 

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सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक भारत के नेताओं इंद्रजीत सिंह कोटबूढ़ा, लखविंदर सिंह औलख, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, गुरिंदर सिंह भंगू, गुरसेवक सिंह धालीवाल तथा बचित्तर सिंह कोटला ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि गत दिवस वेरका कैटल फीड फैक्ट्री घनिये के बांगर में बड़ी मात्रा में सब्सिडी वाली यूरिया खाद को टेक्निकल ग्रेड के कट्टों में भरकर सप्लाई किए जाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। नेताओं ने बताया कि वे स्वयं मौके पर पहुंचे और जिला गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी शहबाज सिंह चीमा को भी मौके पर बुलाया गया।

प्रारंभिक जांच के दौरान पाया गया कि 50 किलोग्राम के यूरिया बैगों पर न तो निर्माता कंपनी का नाम दर्ज था और न ही कोई बैच नंबर अथवा निर्माण तिथि अंकित थी। उन्होंने कहा कि टेक्निकल ग्रेड यूरिया सामान्यत: दूधिया सफेद रंग की होती है, जबकि खेतों में उपयोग की जाने वाली नीम-कोटेड यूरिया का रंग अलग होता है। कृषि विभाग की टीम द्वारा जांच के लिए चार नमूने भरे गए हैं तथा वर्तमान स्टॉक को अगले आदेशों तक उपयोग से रोक दिया गया है। नेताओं ने बताया कि वेरका फीड फैक्ट्री में यूरिया की आपूर्ति इंडो आॅर्गेनिक्स, गिद्दड़बाहा तथा मनीषा ट्रेडिंग कंपनी, दिल्ली द्वारा की गई है। उन्होंने दोनों आपूर्तिकतार्ओं को संदेह के घेरे में बताते हुए कहा कि मनीषा ट्रेडिंग कंपनी के विरुद्ध 18 जून 2026 को सावली, वडोदरा (गुजरात) में मुकदमा संख्या 11197047260 दर्ज किया गया है, जिसमें नीम-कोटेड यूरिया को फैक्ट्रियों में आपूर्ति करने के आरोप लगाए गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इंडो आॅर्गेनिक्स, गिद्दड़बाहा द्वारा फर्जी जीएसटी बिलों के माध्यम से टेक्निकल ग्रेड के कट्टों की छपाई करवाकर भारत सरकार द्वारा किसानों को 266.50 रुपये प्रति बैग की दर से सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया खाद को टेक्निकल ग्रेड के कट्टों में भरकर 3,000 से 4,100 रुपये प्रति 50 किलोग्राम बैग की दर से वेरका, मार्कफेड, शराब फैक्ट्रियों, एथेनॉल प्लांटों तथा प्लाई बोर्ड उद्योगों को सप्लाई किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि इससे हजारों करोड़ रुपये का यूरिया घोटाला हो रहा है तथा किसानों की लूट, जीएसटी चोरी और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में इस अवैध कारोबार में शामिल है। लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि हरियाणा में भी इन लोगों के खिलाफ 31 मई तथा 18 जून 2026 को मुकदमा संख्या 0179 और 0125 दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल ग्रेड यूरिया घोटाले से संबंधित उनके पास पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य तथा इसमें शामिल व्यक्तियों की सूची उपलब्ध है। उन्होंने घोषणा की कि संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक भारत का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल पंजाब से मुलाकात कर सभी साक्ष्य सौंपेगा तथा इस बहुकरोड़ रुपये के घोटाले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों से करवाने की मांग करेगा।
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