स्व-गणना अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम सचिवों व होमगार्ड के जवानों को दिया प्रशिक्षण
Apr 25, 2026, 15:50 IST
Mahendra india news, new delhi
जनगणना-2027 के तहत चल रहे स्व-गणना कार्य को सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को स्थानीय पंचायत भवन में ग्राम सचिवों की वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में ग्राम सचिवों ने भाग लिया और उन्हें जनगणना-2027 को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल वीसी के माध्यम से ग्राम सचिवों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के कार्य को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी ग्राम सचिवों कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करें। स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी जानकारी 30 अप्रैल तक स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि आमजन को प्रेरित करें कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी कहा कि स्व-गणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसलिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक परिवार की सही और पूर्ण जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने तकनीकी पहलुओं पर भी जोर देते हुए कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जाए।
साथ ही स्थानीय पुलिस लाइन में होमगार्ड के जवानों स्व-गणना का प्रशिक्षण दिया। सहायक ललित ने कहा कि राष्ट्रीय जनगणना-2027 के तहत पोर्टल पर स्व-गणना का विकल्प ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल में कोई भी नागरिक 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकता है। यदि अब तक आपने ऑनलाइन स्व-गणना फार्म नहीं भरा है, तो वे 30 अप्रैल से पहले अपनी जानकारी अवश्य दर्ज करें। इस दौरान उन्होंने आमजन को विस्तार से पूर्ण पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी।
यह हैं पंजीकरण प्रक्रिया
नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर लॉगिन कर निर्धारित प्रश्नों के उत्तर भर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 5 से 10 मिनट में पूर्ण हो जाती है और सफलतापूर्वक सबमिशन के बाद यूनिक आईडी प्राप्त होती है। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी। जो नागरिक ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पाएंगे, उनके लिए गणना कर्मी सीधे घर जाकर साक्षात्कार के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। इससे कोई भी व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित नहीं रहेगा।
जनगणना-2027 के तहत चल रहे स्व-गणना कार्य को सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को स्थानीय पंचायत भवन में ग्राम सचिवों की वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में ग्राम सचिवों ने भाग लिया और उन्हें जनगणना-2027 को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल वीसी के माध्यम से ग्राम सचिवों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के कार्य को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी ग्राम सचिवों कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करें। स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपनी जानकारी 30 अप्रैल तक स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि आमजन को प्रेरित करें कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी कहा कि स्व-गणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसलिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक परिवार की सही और पूर्ण जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने तकनीकी पहलुओं पर भी जोर देते हुए कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जाए।
साथ ही स्थानीय पुलिस लाइन में होमगार्ड के जवानों स्व-गणना का प्रशिक्षण दिया। सहायक ललित ने कहा कि राष्ट्रीय जनगणना-2027 के तहत पोर्टल पर स्व-गणना का विकल्प ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल में कोई भी नागरिक 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकता है। यदि अब तक आपने ऑनलाइन स्व-गणना फार्म नहीं भरा है, तो वे 30 अप्रैल से पहले अपनी जानकारी अवश्य दर्ज करें। इस दौरान उन्होंने आमजन को विस्तार से पूर्ण पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी।
यह हैं पंजीकरण प्रक्रिया
नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर लॉगिन कर निर्धारित प्रश्नों के उत्तर भर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया लगभग 5 से 10 मिनट में पूर्ण हो जाती है और सफलतापूर्वक सबमिशन के बाद यूनिक आईडी प्राप्त होती है। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी। जो नागरिक ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पाएंगे, उनके लिए गणना कर्मी सीधे घर जाकर साक्षात्कार के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। इससे कोई भी व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित नहीं रहेगा।