9 मार्च 2026 का मौसम: आज 5 प्रदेशों में बरसात की चेतावनी, 50 की स्पीड से चेलेगी आंधी; अलर्ट
मौसम में आज सोमवार यानि 9 मार्च 2026 को भी बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बरसात को लेकर नया अलर्ट जारी कर दिया है। अब देश के पूर्वी भारत से लेकर उत्तर भारत के 5 बरसात में बरसात की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवा चलेगी। लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। इस दौरान आकाशीय बिजली और वज्रपात की भी संभावना है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में 8 और 9 मार्च को भीषण गर्मी पडऩे की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ के कुछ इलाकों में 9 से 12 मार्च तक, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में 8 से 10 मार्च तक, उत्तरी गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 मार्च को और मराठवाड़ा में 10 और 11 मार्च को भीषण गर्मी की लहर चलने की संभावना है।मौसम विभाग ने 9 मार्च को जम्मू-कश्मीर, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, 10 से 14 मार्च के लिए जिन राज्यों में बारिश की संभावना है, उनमें जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, बिहार और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर में 10 से 12 मार्च के दौरान छिटपुट हल्की बारिश/बर्फबारी की संभावना है, जो छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर तक मध्यम से लेकर मध्यम बारिश/बर्फबारी में बदल सकती है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 10 से 14 मार्च के दौरान छिटपुट से लेकर मध्यम से लेकर मध्यम बारिश/बर्फबारी की संभावना है।
इस दौरान 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के चलने की संभावना है।
पूर्वी भारत में 9 से 11 मार्च के दौरान और उत्तर-पूर्वी भारत में 10 से 14 मार्च के दौरान छिटपुट से लेकर मध्यम से लेकर मध्यम बारिश की संभावना
गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की संभावना है।
गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में उमस भरी गर्मी की चेतावनी
9 मार्च को कोंकण के कुछ इलाकों में, 9 और 10 मार्च को गुजरात क्षेत्र के तटीय क्षेत्रों में, और 8 से 11 मार्च के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।
9 मार्च को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा तथा उत्तरी तमिलनाडु के आसपास के कुछ जिलों में भी गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है
गंगा के पश्चिमी बंगाल और उससे सटे ओडिशा के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और निचले क्षोभमंडल में बिहार से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक एक गर्त फैला हुआ है।
निचले क्षोभमंडल में मन्नार की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
जम्मू और कश्मीर के ऊपर लगभग 90 समुद्री मील की रफ्तार वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर बनी हुई है।
9 मार्च, 2026 से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है।