17 अप्रैल 2026 का मौसम: 13 प्रदेशों में बरसात का अलर्ट, 60 की स्पीड से चलेगी हवा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश के ऊपर कई मौसम सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तर बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से करीब 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इसके साथ ही बिहार के ऊपर एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक फैली हुई है, जो उत्तर गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर बांग्लादेश और असम से होकर गुजर रही है। इसके अलावा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक के ऊपर भी 0.9 किमी ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश से लेकर कन्याकुमारी (कोमोरिन) क्षेत्र तक विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हुए गुजर रही है। वहीं, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 16 अप्रैल की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के पास पहुंचने की संभावना है।
मौसम की संभावित गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे को दौरान, आज 19 अप्रैल के बीच असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश में 18 और 19 अप्रैल को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 16 से 19 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के बीच और उत्तराखंड में 17 अप्रैल को कहीं-कहीं हल्की बरसात संभव है। दक्षिण भारत में आंतरिक कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय हिस्सों में हल्की बरसात हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18 से 21 अप्रैल के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक धीरे-धीरे बढ़ सकता