अक्षय तृतीया 2026 में कब है? इस दिन है आखा तीज, यहां पता करें सही तिथि और सोना खरीदने का शुभ वक्त
हर साल आखा तीज यानि अक्षय तृतीय का इंतजार रहता है। इस दिन का विशेष महत्व है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इसके लिए बिना किसी ज्योतिष और पंचांग सलाह के किसी वक्त खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही शादी विवाह जैसे शुभ काम की शुरुआत भी कर सकते हैं।
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व है। यह दिन पूर्णतया धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस शुभ तिथि पर देवी मां लक्ष्मी की पूजा करना और सोना या सोने से निर्मित आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। इसके लिए अक्षय तृतीया के दिन सोने की खरदारी की जाती है।
उन्होंने बताया कि धार्मिक मत है कि अक्षय तृतीया के दिन देवी मां लक्ष्मी की पूजा और भक्ति करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। साथ ही देवी मां लक्ष्मी की कृपा साधक पर बरसती है।
कब मनाया जाता है अक्षय तृतीया?
हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया मनाया जाता है। अक्षय तृतीया के दिन देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संपन्नता बनी रहती है। साथ ही धन-संपत्ति में समय के साथ बढ़ोतरी होती रहती है। इस दिन सोना की खरीदारी करना बेहद शुभ होता है। ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर होगी। वहीं, तृतीया तिथि का समापन 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा।
उन्होंने ये भी बताया कि सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा। 19 अप्रैल के दिन पूजा का शुभ समय सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक है। इस समय में देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलेगा।
सोना खरीदने का सही वक्त
अक्षय तृतीया पर सोना की खरीददारी के लिए शुभ वक्त 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 20 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 51 मिनट तक है। इस दौरान सोना खरीद सकते हैं।
अक्षय तृतीया शुभ योग
ज्योषिचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया पर दुर्लभ आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। सौभाग्य योग का समापन रात 08 बजकर 02 मिनट पर होगा। इसके बाद सौभाग्य योग का संयोग है। साथ ही त्रिपुष्कर योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में खरीदारी करने से शुभ फल मिलेगा। साथ ही शुभ काम में सिद्धि मिलेगी।
करण एवं नक्षत्र
उन्होंने ये भी बताया कि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर कृत्तिका नक्षत्र का संयोग है। इसके साथ ही कौलव, तैतिल और गर करण के योग बन रहे हैं। ज्योतिष गर और कौलव करण को शुभ मानते हैं। ] इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। साथ ही साधक पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।