नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023' से राजनीति में महिलाओं का बढ़ेगा प्रतिनिधित्व: सिंवर

 

mahendra india news, new delhi
सिरसा। राजसेविका समिति की सेविका विमला सिंवर ने एक प्रेस बयान में कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023' से राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। अभी महिलाएं मतदान के साथ ही अन्य सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही हैं, लेकिन इनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व कम है। उन्होंने कहा कि अधिनियम, महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में सशक्त भागीदार बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाले इस निर्णय से लोकतंत्र को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

सिंवर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इसे सामाजिक बदलाव का आधार बताते हुए कहा कि महिला नेतृत्व ही विकसित भारत-2047 की मजबूत नींव रखेगा।

विमला सिंवर ने कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है।

जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तभी समाज से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी बदलाव संभव होगा। सिंवर ने इस अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का नया अध्याय शुरू होगा। इसके अलावा उन्होंने लखपति बिटिया और अनमोल जैसी योजनाओं को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनें और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें।