विश्व हृदय दिवस: सीपीआर की जानकारी और सही समय पर प्रयास बचा सकता है किसी की जान
mahendra india news, new delhi
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य गोयल, कार्डियोलॉजिस्ट, आस्था हॉस्पिटल, सिरसा ने आमजन को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में शुरूआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और उस समय तुरंत सीपीआर शुरू करना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डॉ. गोयल ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो या केवल हांफ रहा हो, तो तुरंत आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाना चाहिए और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को फोन करना चाहिए।
इसके साथ ही, यदि संभव हो तो छाती पर तुरंत दबाव शुरू करना चाहिए। उन्होंने समझाया कि सीपीआर में छाती के बीचों-बीच 100-120 बार प्रति मिनट की गति से और लगभग 5-6 सेंटीमीटर गहराई तक दबाव दिया जाता है। प्रशिक्षित व्यक्ति आवश्यकता के अनुसार बचाव के लिए सांस भी दे सकता है। उन्होंने कहा कि सीपीआर केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित कौशल नहीं है।
आम लोगों को भी इसकी बुनियादी जानकारी हो तो आपात स्थिति में मेडिकल टीम के पहुंचने तक महत्वपूर्ण सहायता दी जा सकती है। विश्व हृदय दिवस पर डॉ. गोयल ने लोगों से अपील की कि वे सीपीआर की बुनियादी तकनीक सीखें और परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। सीपीआर एक सरल कौशल है, लेकिन सही समय पर किया गया प्रयास किसी की जिंदगी बचा सकता है।