सीडीएलयू SIRSA में 12वां त्रिवेणी युवा महोत्सव कल से, तैयारियां पूरी, 2000 विद्यार्थी दिखाएंगे अपनी कला का जौहर
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में एक भारत श्रेष्ठ भारत थीम के अंतर्गत 12वां त्रिवेणी युवा महोत्सव 10 से 14 नवम्बर, 2025 तक आयोजित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय का वार्षिक सांस्कृतिक एवं सृजनात्मक उत्सव है, जिसमें विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों एवं संबद्ध महाविद्यालयों के लगभग दो हजार विद्यार्थी अपनी कला, साहित्यिक प्रतिभा और सांस्कृतिक दक्षता का प्रदर्शन करेंगे।
महोत्सव का शुभारंभ 10 नवम्बर को भव्य सांस्कृतिक फेरी के साथ होगा, जो विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थित जननायक चौ. देवी लाल जी की प्रतिमा से प्रारंभ होकर एम.पी. हॉल तक पहुंचेगी। इस फेरी में सभी प्रतिभागी संस्थान अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ भाग लेंगे। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध पॉप गायक गजेंद्र फोगाट अपनी प्रस्तुति देंगे, जो विद्यार्थियों के उत्साह में चार चांद लगाएगी।
कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और युवा शक्ति को रचनात्मक दिशा देना विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जीवन में कला और संस्कृति का समावेश व्यक्ति को न केवल संवेदनशील बनाता है बल्कि उसमें नेतृत्व, टीम भावना और प्रबंधन कौशल विकसित करता है। भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और श्रेष्ठ संस्कृति है, और इसी संस्कृति की झलक इस युवा महोत्सव में देखने को मिलेगी।"
कुलगुरु ने बताया कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय परिवार ने जिला प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा, यातायात और आतिथ्य की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं।
युवा कल्याण निदेशक डॉ. मंजू नेहरा ने बताया कि महोत्सव के दौरान कुल 47 प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें संगीत की 17, नृत्य की 6, नाट्य कला की 5, साहित्यिक गतिविधियों की 8 और ललित कला की 11 प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि यह मंच विद्यार्थियों को न केवल अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देगा बल्कि भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति के प्रति उनका जुड़ाव भी गहरा करेगा।
उन्होंने कहा कि "त्रिवेणी युवा महोत्सव युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में मोडऩे का एक सशक्त माध्यम है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ थीम इस विचार को साकार करती है कि विविधता में ही हमारी एकता और शक्ति निहित है।"
आई-कार्ड से होगी एंट्री, पार्किंग की रहेगी विशेष व्यवस्था
महोत्सव के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में आने-जाने के लिए विद्यार्थियों एवं स्टाफ को आई-कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। सुरक्षा कर्मियों को विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थल निर्धारित किए गए हैं—दुपहिया वाहनों की पार्किंग मुख्य द्वार के निकट तथा चार पहिया वाहनों की व्यवस्था एम.पी. हॉल के सामने ग्राउंड में की गई है। मुख्य प्रवेश विश्वविद्यालय गेट से होगा जबकि निकास कचहरी वाले गेट से सुनिश्चित किया गया है।
5 दिनों तक बिखरेगी सांस्कृतिक छटा
महोत्सव के दौरान हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य, नाटक, गीत, गज़ल, कव्वाली और लोक वादन की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगी। देश के प्रसिद्ध कलाकार भी विशेष अतिथि प्रस्तुति देंगे। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन करेंगे जिससे पूरे परिसर में सांस्कृतिक उल्लास और राष्ट्रीय एकता की भावना का संचार होगा।