दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए योजना तैयार, खेती का बढ़ेगा रकबा, 100 फीसद एमएसपी पर होगी दालों की खरीद
mahendra india news, new delhi
. दलहन की देश में पैदावार के लिए आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने 11,440 करोड़ रुपये के व्यय वाली 6 वर्षीय केंद्रीय स्कीम को मंजूरी दी है. इस स्कीम की अवधि 2025-26 से 2030-31 तक होगी। यह मिशन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप है। वैसे देखे तो इंडिया विश्व का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक और उपभोक्ता देश है।
दलहन मिशन का उद्देश्य?
आपको बा दें कि इस मिशन का उद्देश्य तुअर, उड़द और मसूर जैसी दालों के उत्पादन को बढ़ावा देना और साथ ही, एनसीसीएफ और नेफेड के माध्यम से सभी पंजीकृत धरतीपुत्रों से इन दालों की 100 फीसद खरीद सुनिश्चित करना है, ताकि देश दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बने.
मिशन के उद्देश्य
आत्मनिर्भरता पाने के लिए दहलन को बढ़ावा
किसानों के लिए उच्च उपज वाले बीजों के उत्पादन और उपलब्धता को बढ़ावा देना
दलहन की खेती के तहत क्षेत्रफल बढ़ाना
अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना
फसल तैयार होने के बाद भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं को बढ़ावा देना
एनसीसीएफ और नेफेड द्वारा सभी पंजीकृत किसानों से तुअर, उड़द और मसूर की 100 फीसद खरीद सुनिश्चित करना.
2030-31 तक 350 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य