सीडीएलयू के छात्रों की समस्याओं को लेकर अभाविप ने कुलपति को सौंपा 11 सूत्रीय मांग-पत्र
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA में अध्ययनरत विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की विश्वविद्यालय इकाई ने सोमवार को विश्वविद्यालय कुलपति के नाम 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। परिषद के प्रदेश सह मंत्री सुनील शास्त्री व विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष मोहित बिश्नोई के नेतृत्व में सौंपे गए मांग-पत्र में विद्यार्थियों से जुड़ी शैक्षणिक, छात्रावास, परीक्षा, भोजन, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, पुस्तकालय और खेल सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। रोष जाहिर करते हुए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन के जरिये मेस में अतिरिक्त शुल्क (एक्स्ट्रा डाइट) और भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया गया है। परिषद ने कहा कि मेस में एक्स्ट्रा डाइट का शुल्क अत्यधिक एवं अव्यावहारिक है, इसलिए इसकी समीक्षा कर उचित एवं पारदर्शी दर निर्धारित की जानी चाहिए। छात्रावास और कैंटीन में विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ-साथ भोजन की पौष्टिकता और शुद्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
री-इवैल्यूएशन फीस वापस लेने की मांग करते हुए अभाविप ने कहा कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद विद्यार्थी के अंक बढ़ते हैं अथवा मूल्यांकनकर्ता की गलती सामने आती है तो विद्यार्थी से ली गई री-इवैल्यूएशन फीस वापस की जानी चाहिए। परिषद ने ऐसे मामलों का भी उल्लेख किया, जिनमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की री-अपियर आती है, जबकि पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक बढ़ जाते हैं। इसलिए मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने पर जोर दिया गया।
परिषद की मांग है कि परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जाए तथा परिणामों में होने वाली मार्किंग और डाटा संबंधी त्रुटियों को दूर किया जाए। उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि विद्यार्थियों को समय पर सही परीक्षा परिणाम उपलब्ध हो सकें और उन्हें आगे की पढ़ाई में परेशानी का सामना न करना पड़े।
छात्रावास से जुड़ी समस्याओं में सिक्योरिटी फीस समय पर वापस करने की मांग प्रमुख रही। परिषद ने कहा कि छात्रावास छोडऩे के बाद विद्यार्थियों को सिक्योरिटी राशि वापस मिलने में अनावश्यक देरी होती है। इसलिए सिक्योरिटी राशि वापस करने की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा कोर्स फीस में बढ़ोतरी पर नियंत्रण की मांग करते हुए कहा गया कि लगातार बढ़ रही फीस को कम किया जाए तथा विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फीस संरचना विद्यार्थी हितैषी बनाई जाए। छात्रवृत्ति समय पर जारी करने की मांग भी उठाई गई, ताकि आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग करते हुए परिषद ने कक्षाओं, छात्रावासों और शौचालयों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने की बात कही। छात्रावासों के नलों में करंट आने की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करवाने और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की जांच करवाने की मांग भी की गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों एवं छात्रावासों में खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवाने तथा जरूरत के अनुसार नए वाटर कूलर लगाने, आरओ सिस्टम की नियमित सर्विस सुनिश्चित करने और छात्रावासों में खराब वाशिंग मशीनों की मरम्मत करवाने की मांग रखी गई।
मांग-पत्र में पुस्तकालय आईडी कार्ड की समस्या का समाधान करने की भी मांग की गई। वहीं परिषद ने विश्वविद्यालय एवं छात्रावास परिसर में बाहरी अथवा अनावश्यक व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाने तथा प्रवेश द्वारों पर पहचान-पत्र की जांच अनिवार्य करने की मांग की। अभाविप ने विश्वविद्यालय के खेल परिसर का उचित रखरखाव करने तथा खिलाडय़िों के लिए आवश्यक खेल उपकरण, खेल सामग्री और अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने की मांग की। खेल मैदानों की स्थिति में भी सुधार करने पर जोर दिया गया। अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रहित से जुड़ी इन सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इनके समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस मौके पर प्रांत सह छात्रा प्रमुख दिशा चावला, विभाग छात्र प्रमुख कुमारी ममता, नगर मंत्री कुमारी तनु, नगर मीडिया संयोजक राहुल साहपुनिया, तहसील संयोजक साहिल, शुभम नेहरा, प्रिंस लांबा, निरंजन लांबा, दिपांशु, राजपाल, अमन, गुरप्रीत सिंह, गुरदयाल, रौनक, दीक्षा, गीतिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।