गांव तरकांवाली में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर को 5000 रुपये की रिश्वत लेते ACB ने किया गिरफ्तार
ACB arrested an inspector of the Food and Supplies Department in village Tarkanwali while accepting a bribe of Rs 5,000
mahendra india news, new delhi
चोपटा। चोपटा क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) सिरसा ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसीबी सिरसा टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर सत्यवान के नेतृत्व में नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के गांव तरकावाली में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर विवेक को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। डिपो होल्डर सुभाष चंद्र ने बताया कि इंस्पेक्टर विवेक सिरसा के खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम में तैनात है। गत दिनों इंस्पेक्टर विवेक तरकांवाली गांव में एक राशन डिपो का निरीक्षण करने के लिए आया था और राशन डिपो में कुछ कमियां मिली उनकी रिपोर्ट बनाने के एवज में इंस्पेक्टर विवेक ने 5
हजार रुपये की मांग की। इंस्पेक्टर ने कहा कि अगर रिश्वत नहीं दी तो आपके खिलाफ गलत रिपोर्ट बनाकर भेज दंूगा। इस बारे में डिपो होल्डर को बार-बार टॉर्चर करने लगा। विवेक ने रिपोर्ट तैयार करने के पैसे मांगे तो डिपो होल्डर ने गांव के पास एक इंटरलॉक टाइल फैक्ट्री में बुलाकर पैसे लेने की बात कही। इंस्पेक्टर विवेक वहां पहुंचा और 5 हजार रुपये ले लिए। मौके की ताक में बैैठी एसीबी की टीम ने इंस्पेक्टर विवेक के फिंगरप्रिंट का मिलान किया और पैसे सहित काबू कर लिया। बाद आरोपी निरीक्षक को हिरासत में ले लिया गया। डीएफएससी मुकेश पंघाल का कहना है कि यह मामला संज्ञान में आया है। इस बारे में हेडक्वार्टर को रिपोर्ट भेजी जाएगी। अगर एसीबी की ओर से कोई एफआईआर या रिपोर्ट आएगी तो उस पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई
जाएगी।इससे पहले भी कई बार रिश्वत की मांग कर चुका है। जिसके मामले की आगे की जांच जारी है और एसीबी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि इंस्पेक्टर विवेक करीब 1 साल पहले ही नौकरी लगा है और सिरसा के खाद्य आपूर्ति गोदाम में कार्यरत है। सिरसा एसीबी ने हाल के दिनों में लगातार भ्रष्टाचार के मामलों पर शिकंजा कसते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है। यह गिरफ्तारी उसी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विभाग ने जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई हुई है। एसीबी अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी
कार्य में यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं।
पहले साल की नौकरी में ही की रिश्वताखोरी शुरू
विभाग के अनुसार, रिश्वत केस में फंसे विवेक को इसी साल नौकरी मिली थी और नौकरी मिलते ही पहले साल में ही रिश्वतखोरी शुरू कर दी। सरकार द्वारा बिना खर्ची बिना पर्ची के लगाए गए युवा भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। खास बात है कि सिरसा में ही विवेक की यह पहली पोस्टिंग है। शुरूआती ज्वाइनिंग में ही रिश्वत केस में पकड़े गए।