नकली पनीर बेचा तो जेल जाने के लिए तैयार रहो, हरियाणा में नॉन-डेयरी प्रोडक्ट्स पर लगाई रोक; आज से नियम लागू
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश के अंदर नकली पनीर बेचने की लगातार शिकायतें मिल रही है। प्रदेश के अंदर एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक पनीर के कुल 285 नमूने लिए गये। इनमें 200 नमूने फेल निकले। इनमें 171 निम्न स्तरीय और 29 असुरक्षित श्रेणी में पाए गए। अधिकतर निर्माता कच्चे दूध की बजाय दुग्ध पाउडर या वनस्पति तेल से छेना या पनीर तैयार कर रहे हैं। हरियाणा प्रदेश में स्थिति यह है कि बाजार में बिक रहा 70 प्रतिशत पनीर नकली है।
अब इसी कड़ी में दूध की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च और रसायनों से बने पनीर और घी की बिक्री को अब अपराध माना जाएगा।
हरियाणा प्रदेश की सरकार ने एनालॉग या नान-डेयरी पनीर और घी के उत्पादन व बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे सामान को न केवल जब्त कर नष्ट किया जाएगा, बल्कि दोषी को जेल की सजा भी काटनी पड़ सकती है।
ढाबों और होटलों में मक्खन के नाम पर परोसे जा रहे वनस्पति तेल तथा देसी घी के नाम पर मिठाइयों में पाम आयल के इस्तेमाल से आमजन की सेहत से खिलवाड़ को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने यह कदम उठाया है।
70 फीसदी पनीर नकली
हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, यूपी, गुजरात और महाराष्ट्र की प्रदेश सरकारें पहले ही नकली पनीर और घी पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं। अब हरियाणा भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है।
त्योहारी सीजन शुरू होते ही नकली पनीर और मिलावटी घी का इस्तेमाल रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त डा. मनोज कुमार ने नियम अधिसूचित कर दिए हैं। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
अगर किसी पनीर या देसी घी को इस तरह बाजार में बेचा जाता है कि ग्राहक उसे असली दूध से बना उत्पाद समझे, तो उसे नकली या इमिटेशन डेयरी प्रोडक्ट की श्रेणी में माना जाएगा। एनालाग या नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण पर रोक के साथ ही ऐसे उत्पाद की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग, स्टोरेज और सप्लाई तथा थोक व खुदरा बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। पनीर व छेना के लिए कई मानक पूरे करने होंगे।
ये होता है एनालॉग पनीर?
डा. जेपी सिंह ने बताया कि एनालॉग पनीर को बनाने में दूध की बजाय वनस्पति तेल या फैट, पाम आयल, स्टार्च, सोया या दूसरे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन जैसी चीजों का उपयोग किया जाता है। स्टेबलाइजर, इमल्सीफायर और फ्लेवर मिलाए जाते हैं।