HARAYAN के बाढ ग़्रस्त क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल के लिए सावधानी जरूरी: डा. गोदारा
Mahendra india news, new delhi
पशु चिकित्सक डा. गोदारा ने बताया कि बाढ़ में पशुओं की देखभाल बेहद जरूरी है। इन दिनों लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की स्थिति में इंसानों के साथ-साथ पशुओं का जीवन भी अस्त व्यस्त है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो पशुधन को सुरक्षित रखा जा सकता है।
SIRSA पशु चिकित्सक डा. गोदारा ने बताया कि पशुओं को ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर ले जाएं, जहां बाढ़ का पानी न पहुंचे। उन्हें मजबूती से बांधें और छत या शेड की व्यवस्था करें। गीली व गंदी जगह पर रहने से बीमारियों का खतरा बढ़ता है, इसलिए सूखी बिछावन का प्रयोग करें।
पशुओं को केवल सूखा और साफ चारा ही खिलाएं। गीला या सड़ा चारा नुकसानदायक होता है। पानी उबालकर या फिटकरी डालकर पिलाएं। दूषित पानी से जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। बाढ़ के पानी में बहकर आए पॉलिथीन व जहरीले पौधे उन्हें न खाने दें। किसी भी पशु में बुखार, दस्त या भूख कम लगने के लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें। डा. गोदारा ने कहा कि बाढ़ में थोड़ी-सी सावधानी बरतकर पशुओं की जान और स्वास्थ्य दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।