सीडीएलयू SIRSA का 13वां त्रिवेणी युवा महोत्सव 25 से 28 अक्टूबर तक, 34 विधाओं में होंगी प्रतियोगिताएं
mahendra india news, new delhi
युवाओं की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक लोक कलाओं से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। विलुप्त होती जा रही लोक कलाओं और हथकरघा उद्योग से जुड़े कलाकारों को विश्वविद्यालय अपने आगामी कार्यक्रमों में विशेष सम्मान प्रदान करेगा। यह बात चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने युवा कल्याण निदेशालय द्वारा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ आयोजित बैठक में कही।
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने आगामी आयोजनों में पारंपरिक लोक कलाओं और उनसे जुड़े कलाकारों को विशेष मंच प्रदान करेगा। इन प्रयासों का उद्देश्य लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, रचनात्मकता विकसित करने और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के माध्यम से व्यक्तित्व निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
युवा कल्याण निदेशालय की निदेशक प्रो. मंजू नेहरा ने बताया कि विश्वविद्यालय का 13वां त्रिवेणी युवा महोत्सव 25 से 28 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। चार दिवसीय इस महोत्सव में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) के निर्धारित मानदंडों के अनुसार 34 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस बार युवा महोत्सव का थीम युवा उमंग संस्कृति के संग है।
उन्होंने बताया कि युवा महोत्सव में भाग लेने वाले सभी संबद्ध महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों (यूटीईडी) के लिए सांस्कृतिक शोभायात्रा में भाग लेना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक टीम को अलग-अलग टीम कोड और पहचान संबंधी साइन बोर्ड आवंटित किए जाएंगे, ताकि आयोजन के दौरान टीमों की पहचान और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। प्रो. मंजू नेहरा ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से युवा महोत्सव की तैयारियां समय रहते पूरी करने तथा विद्यार्थियों को अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ सुनील कुमार, प्रो. अनु शुक्ला, प्रो. पंकज शर्मा, प्रो. राजकुमार, प्रो. राम मेहर, डॉ अमित सांगवान, राजेश छिकारा, डॉ आनंद शर्मा, ब्रह्मजीत सिंह सहित विभिन्न महाविद्यालयो के प्राचार्य एवं कल्चरल कोऑर्डिनेटर उपस्थित थे।