बीकेई द्वारा किसान आंदोलन के शहीदों की याद में गांव मोरीवाला में करवाया जाएगा श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ: गुरप्रीत सिंह संधू
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
भारतीय किसान एकता (बीकेई) द्वारा गांव मोरीवाला स्थित गुरुद्वारा साहिब बाबा जयराम दास बाबा नारायण दास में किसान आंदोलन भाग-1 और भाग-2 के दौरान शहीद हुए सभी किसानों की याद में श्री अखंड पाठ साहिब जी का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए बीकेई संगठन के मुख्य प्रवक्ता गुरप्रीत सिंह संधू ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी संगठन की पूरी टीम द्वारा गांव मोरीवाला के गुरुद्वारा साहिब में किसानी के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने वाले सभी शहीदों की याद में धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं। इन धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर को श्री अखंड पाठ साहिब जी आरंभ करवाए जाएंगे और 5 अक्टूबर को अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले जाएंगे।
गुरप्रीत सिंह संधू ने आगे बात करते हुए कहा कि तीन काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली के बॉर्डरों पर 378 दिनों तक चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन में 750 से अधिक किसानों ने आने वाली नस्लों, फसलों और किसानी को बचाने के लिए अपनी शहादत दी थी। 3 अक्टूबर का दिन किसानी और भारत के इतिहास का वह सबसे काला दिन है, जिस दिन यूपी के लखीमपुर खीरी में, ठीक वैसे ही जैसे जलियांवाला बाग में जनरल डायर द्वारा बेकसूर निहत्थे लोगों का कत्लेआम किया गया था, लखीमपुर खीरी में भाजपा के तत्कालीन मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा टेनी द्वारा गाड़ियों के नीचे कुचलकर बेकसूर किसानों और एक पत्रकार को शहीद कर दिया गया था।
उन्होंने आगे बताया कि किसान आंदोलन भाग-1 की अधूरी रह गई मांगों को पूरा करवाने के लिए शुरू हुए किसान आंदोलन भाग-2 में भी युवा किसान शुभकरण सिंह सहित लगभग 45 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। किसान संगठन बीकेई हर साल इन सभी अमर शहीदों की कुर्बानी को नमन करने के लिए श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डालता है।
गुरप्रीत सिंह संधू ने आगे बताया कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चरणों में संपूर्ण किसान-मजदूर भाईचारे की खुशहाली और उन्नति के लिए विशेष अरदास की जाएगी। बीकेई संगठन द्वारा सभी इलाका निवासियों और किसान भाइयों से इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर पहुंचने और किसानी के लिए अपनी शहादत देने वाले उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की गई है। इस मौके पर दिलबाग सिंह रंधावा, अमरीक सिंह बाजवा, परमजीत सिंह संधू, कश्मीर सिंह कंबोज, अमरीक सिंह संधू, सुच्चा सिंह कंबोज और बाबा तरसेम सिंह सहित अन्य संगठन सदस्य उपस्थित थे।