बीमारी के बावजूद मानवता सेवा में आगे रहीं सीमा इन्सां, निधन के बाद देह भी मेडिकल रिसर्च के लिए की दान
mahendra india news, new delhi
“लेकर कहां कुछ वापस जाना, ये शरीर भी अब दान है...” इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए कल्याण नगर ब्लॉक की परमार्थ कॉलोनी निवासी 51 वर्षीय सीमा इन्सां पत्नी डॉ. राजकुमार इन्सां ने निधन के बाद भी समाजसेवा की मिसाल कायम की। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए एनसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, इसराना (पानीपत) को दान किया गया।
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं से प्रेरित होकर परिवार ने देहदान का निर्णय लिया। सीमा इन्सां की अंतिम विदाई में सच्चे नम्र सेवादार, कल्याण नगर, सिरसा, शाह सतनाम जी नगर, शाह सतनाम जी पुरा समेत कई ब्लॉकों की साध-संगत, सेवादार और उनके रिश्तेदार शामिल हुए।
इससे पहले उनके आवास पर साध-संगत ने अरदास की। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में पार्थिव शरीर रखकर शाह मस्ताना जी-शाह सतनाम जी धाम तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। इस दौरान सेवादारों और साध-संगत ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी सीमा इन्सां तेरा नाम रहेगा’ और ‘शरीरदानी सीमा इन्सां अमर रहे’ के जयघोष लगाए। डेरा के मुख्य गेट से ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ का इलाही नारा लगाकर एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।
बेटा-बेटी एक समान का संदेश भी दिया
डेरा सच्चा सौदा की ‘बेटा-बेटी एक समान’ मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सीमा इन्सां की बेटी पलक इन्सां, बेटे अनमोल इन्सां और अन्य परिजनों ने अर्थी को कंधा दिया। परिवार के इस कदम ने बेटियों की समान भागीदारी का संदेश दिया।
सच्चे नम्र सेवादार राकेश बजाज इन्सां और कल्याण नगर ब्लॉक के ब्लॉक प्रेमी सेवक मा. सतीश इन्सां ने कहा कि सीमा इन्सां और उनका परिवार हमेशा मानवता भलाई कार्यों में आगे रहा है। बीमारी के दौरान भी सीमा इन्सां सेवा कार्यों से जुड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में भी परिवार ने देहदान का निर्णय लेकर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।