परीक्षा पर चर्चा : दूसरी कड़ी में विद्यार्थियों ने साझा किए तनाव-मुक्त परीक्षा के अनुभव
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बप्पा गांव के प्रांगण में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम की दूसरी कड़ी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान होने वाले मानसिक तनाव से मुक्त कर उन्हें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं ईमानदारी के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अंग्रेज़ी नरेश कुमार ग्रोवर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं है, बल्कि स्वयं को पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर है। शांत मन, स्पष्ट सोच और निरंतर अभ्यास से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
विद्यार्थियों के विचार
कविता ने कहा—
“पहले परीक्षा से बहुत डर लगता था, लेकिन अब आत्मविश्वास आ गया है। अब मैं बिना तनाव के परीक्षा देने के लिए तैयार हूँ।”
गुरमन कौर ने कहा—
“परीक्षा पर चर्चा से मेरी सोच बदली है। अब मैं अंकों से ज़्यादा अपनी मेहनत पर भरोसा करती हूँ।”
आरजू ने कहा—
“सर के मार्गदर्शन से समझ आया कि घबराहट नहीं, तैयारी मायने रखती है। अब परीक्षा आसान लगने लगी है।”
स्मृति ने कहा—
“पहले परीक्षा बोझ लगती थी, लेकिन अब इसे एक अवसर के रूप में देखना सीख लिया है। मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।”
जसप्रीत कौर ने कहा—
“तनाव लेकर पढ़ने से नुकसान होता है। शांत मन से पढ़ाई करने का सही तरीका आज हमें मिला।”
वारिस ने कहा—
“परीक्षा जीवन का अंत नहीं है। सकारात्मक सोच से डर अपने आप खत्म हो जाता है।”
स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति एवं सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के स्टाफ सदस्यों
प्रकाश सिंह, मनीष मेहता, प्रवीण कुमार, भारत भूषण, रोहित, राजेश कुमार, सुनील खुराना, सुखविंदर सिंह, प्रदीप कुमार, रोहतास कुमार, अवतार सिंह, सुनीता कोहली, रचना मेहता, सपना, मीनू, अजय कुमार, सिकंदर सिंह, विनीत बजाज एवं प्रिंस छाबड़ा
की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहयोग रहा।
अंत में विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में सम्मिलित होंगे तथा अपने विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।