सीएचसी नाथूसरी चौपटा में अब 24 घंटे ड्यूटी पर मिलेंगे चिकित्सक, चिकित्सकों की नियुक्ति, सीएमओ ने किया निरीक्षण 

 

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नाथूसरी चौपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेें अब 24 घंटे तैनात रहेंगे। सिरसा के सिविल सर्जन डा. पवन कुमार ने चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। इसी के साथ ही वीरवार को सिविल सर्जन ने केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में उपचारधीन मरीजों से बातचीत की। वहीं चिकित्सकों को आदेश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भ्भ्भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अगर किसी प्रकार की कोई लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। 

 

इन चिकित्सकों की नियुक्ति
सिविल सर्जन डा. पवन कुमार ने सीएचसी के चिकित्सक अधिकारी डा. अमित गुप्ता को जिला नागरिक अस्पताल सिरसा में लगाई गई अतिरिक्त ड्यूटी के आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गये। उन्होंने अपना कार्यभार वापस चौपटा सीएचसी में संभाल लिया। इसी के साथ ही डा. विपिनख्, डा. संदीप कुमार व डा. सुरेख्ख्खा को तैनात किया गया है। 

-- चिकित्सकों का किया स्वागत 
सीएचसी में तैनात चिकित्सकों ने वीरवार को कार्यभार संभाल लिया। केंद्र में पहुंचने पर समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, राममुर्ति आर्य ने मिठाई खिलाकर स्वागत किया। वहीं उन्होंने हर कार्य में सहयोग करने की बात कही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. मीनल ने टीबी मरीजों के लिए डाइट किट की कमी के बारे में बताया। इस पर समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा ने 50 डाइट किट उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा ने कहा कि अगर केंद्र में जल्द ही चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं होती तो बड़ा आंदोलन होता। इसका स्वास्थ्य विभाग जिम्मेवार होता। 

 

केंद्र में चिकित्सकों की थी कमी 
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं का अलम था। यहां पर चिकित्सकों की कमी के कारण प्रतिदिन सडक़ हादसे में घायल मरीजों को रैफर किया जा रहा है। केंद्र में 7 चिकित्सक के पद हैं। यहां पर दो ही पद स्वीकृत है। इनमें एक चिकित्सक डेपूटेशन पर चंडीगढ़ में तैनात हैं।वहीं ऐलनाबाद के एमएलए भरत सिंह बैनीवाल ने इस संदर्भ में प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठाया। 

ग्रामीण कर रहे थे धरना प्रदर्शन की तैयारी 
नाथूसरी चौपटा के भट्टू रोड पर 2 अगस्त रात्रि के समय बाइक के ट्राले ने टक्कर मार दी। इससे दंपति मिगनी खेड़ा निवासी तारा चंद व उसकी पत्नी मुर्ति देवी गंभीर रूप से घायल हो गये। सडक़ हादसे के बाद राहगिरों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया। मगर फोन नहीं मिला। इसके बाद राहगिरों ने ई रिक्शा से दोनों को सामुदायिक केंद्र में पहुंचा। यहां पर उस समय कोई चिकित्सक नहीं मिला। इसके बाद यहां से 20 मिनट बाद दोनों को रैफर कर दिया गया। यानि यहां पर 20 मिनट तक मरीज तडफ़ते रहे। इसके बाद दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने चिकित्सक की कमी को लेकर धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे।