डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134 वीं जयंती पर CDLU पुस्तकालय में कार्यक्रम आयोजित

 

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सिरसा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के विश्वविद्यालय विवेकानंद  पुस्तकालय में भारत में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134 वीं जयंती श्रद्धापूर्वक एवं गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव  डॉ. सुनील कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय को पुस्तकालयों के महत्व, पठन संस्कृति तथा ज्ञान के प्रसार के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ पौधारोपण एवं हवन के साथ किया गया।

हवन के माध्यम से विश्वविद्यालय की सुख-समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, ज्ञान के प्रसार तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि डॉ. एस. आर. रंगनाथन ने पुस्तकालय को केवल पुस्तकों के संग्रह का स्थान न मानकर ज्ञान के लोकतांत्रिक प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में पुस्तकालयों की भूमिका और अधिक व्यापक हो गई है। ई-पुस्तकों, ई-जर्नल्स, डिजिटल डेटाबेस तथा अन्य ऑनलाइन संसाधनों ने ज्ञान तक पहुंच को आसान बनाया है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक पुस्तकालय सुविधाओं के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने तथा अध्ययन एवं शोध की संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।  उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में विश्वविद्यालय पुस्तकालय विद्यार्थियों और शोधार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी सेवाओं को निरंतर आधुनिक बना रहा है। पुस्तकालय का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत, शोध की प्रवृत्ति और ज्ञान के प्रति जिज्ञासा को बढ़ावा देना है।इस अवसर पर डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. सुशील कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता में पुस्तकालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सुदृढ़ एवं आधुनिक पुस्तकालय विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन एवं शोध के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराता है।


इस अवसर पर  लाइब्रेरियन प्रो. अशोक मलिक ने अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन एवं पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. रंगनाथन द्वारा प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के पाँच सूत्र आज भी पुस्तकालय सेवाओं की आधारभूत सोच को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन  विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. राजीव विज  ने डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन, व्यक्तित्व एवं पुस्तकालय तथा सूचना विज्ञान के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।


इस अवसर पर ‘माह के सर्वश्रेष्ठ पुस्तकालय उपयोगकर्ता’ (Best Library User of the Month) का पुरस्कार शिक्षा विभाग की छात्रा  तनु को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार द्वारा प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इस पहल को विद्यार्थियों में नियमित पुस्तकालय उपयोग एवं अध्ययन की आदत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शर्मिला कुमारी ने कुलसचिव, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में पुस्तकालय के सभी कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय पुस्तकालय के सभी कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।