प्रेरणा दिवस के रूप में मना अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का प्रथम दिन, अणुव्रत हृदय परिवर्तन का सिद्धांत: साध्वी संयमप्रभा

 

mahendra india news, new delhi
सिरसा। जैन पंथ की साध्वी संयमप्रभा के सान्निध्य में बुधवार को अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का प्रथम दिवस प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया गया। इस सिलसिले में जैन समुदाय के श्रद्धालु आनंद जैन ने बताया कि अणु समिति के मंत्री कमल जैन ने मंच संचालन करते हुए अणुव्रत गीत महासंगान धुन के साथ किया।

समिति अध्यक्ष चंपालाल जैन ने अणुव्रत पर अपने विचार मुक्तकों द्वारा रखे। साध्वी उज्जवलयशा ने सांप्रदायिक सद्भावना पर एक कविता प्रस्तुत की वहीं साध्वी शशिकला ने कहा कि अणुव्रत कोई धर्म नहीं है, यह एक असांप्रदायिक, अहिंसक व चारित्रिक आंदोलन है। तेरापंथी सभाध्यक्ष ज्ञान नोलखा ने अणुव्रत आचार संहिता का वाचन किया।

अंत में साध्वी संयमप्रभा ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि अणुव्रत हृदय परिवर्तन का सिद्धांत व मानव धर्म है। किसी भी संप्रदाय का मानव अणुव्रत के 11 नियमों को अपना सकता है। अणुव्रत संयम, नैतिकता व मानवता का सिद्धांत है। इस अवसर पर देवेंद्र डागा, अजय जैन, तरुण गोलछा, भारतभूषण, दीपक पुगलिया, श्रावक, श्राविका व पूरा समाज मौजूद था। मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।