चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला का हुआ समापन

 

Mahendra india news, new delhi
 चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में आयोजित पांच दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला का शुक्रवार को विश्वविद्यालय के टैगोर लेक्चर थियेटर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। 15 सितंबर से आरंभ हुई इस व्यापक कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और संबंधित महाविद्यालयों के 500 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी दर्ज करवाई।


समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि  यह कार्यशाला विद्यार्थियों को विविध कलात्मक गतिविधियों का व्यापक अनुभव प्रदान करने में अत्यंत सफल रही है। इसने उनके भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला न केवल छात्रों के कलात्मक कौशल को निखारने में सहायक रही, बल्कि उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सांस्कृतिक गतिविधियां छात्रों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक भावना का विकास करती हैं। विश्वविद्यालय की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जो बहु विषयक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर बल देती है। यह कार्यक्रम शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। ऐसी सांस्कृतिक कार्यशालाएं विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान से परे व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और उनके भविष्य के व्यावसायिक जीवन में भी सहायक सिद्ध होती हैं।


युवा कल्याण निदेशालय के निदेशक प्रो. सेवा सिंह बाजवा ने उपस्थित सभी अतिथियों, विशेषज्ञ कलाकारों, छात्रों और उनके साथ आए हुए प्रभारियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि संगीत विद्या की कार्यशाला तुलसी अनुपम, लिटरेरी विद्या की कार्यशाला प्रो0 मीहीर रंजन  पातरा, फाईन आर्टस विद्या की कार्यशाला डाॅ ज्योत्सना, हरियाणवी डांस विद्या की कार्यशाला संजय कुमार, पंजाबी डांस की विद्या ब्रहमजीत सिंह, कंटेम्परेरी डांस विद्या की कार्यशाला विरेन्द्र पहवाल व थियेटर विद्या की कार्यशाला कार्तिक द्वारा की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार व सहायक निदेशक राजेश छिकारा उपस्थित रहे। मंच संचालन की जिम्मेदारी शोधार्थी डिम्पल ने निभाई।